पलवल। चांदहट थाना पुलिस ने एक दंपति के खिलाफ युवक को घर में बंधक बनाकर घरेलू काम करवाने का केस दर्ज किया है।
दिल्ली की एनजीओ बचपन बचाओ व जिला बाल संरक्षण अधिकारी की टीम ने गांव अमरपुर के एक घर से युवक को रिहा कराया।
उसे करीब दो वर्ष पूर्व दिल्ली से नौकरी का झांसा देकर लाया गया था। बता दें कि समाचार लिखे जाने तक आरोपी दंपति को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
कालका जी (दिल्ली) निवासी बचपन बचाओ एनजीओ चलाने वाले रिजवान अली के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि बिहार के जिला कासगंज के हुलहुली निवासी कृष्णा को दो वर्ष से पलवल के अमरपुर में बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया है।
किशोर को एक दंपति नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाया था। सूचना मिलने पर उन्होंने पलवल की जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुरेखा डागर को इस बात की जानकारी दी।
सुरेखा डागर के अनुसार सूचना मिलने पर उन्होंने एसपी दुग्गल को जानकारी देकर टीम का गठन किया। टीम ने शुक्रवार को अमरपुर में बताए गए मकान में छापामारी कर युवक को रिहा कराया।
गृह स्वामी अरूण लांबा व उनकी पत्नी ममता के खिलाफ बंधुआ मजदूरी कराने संबंधी धाराओं में केस दर्ज कराया गया है।
नहीं देते थे भरपेट खाना करते थे मारपीट
18 साल के कृष्णा ने बचपन बचाओ आंदोलन की टीम को बताया कि उसे दो वर्ष पूर्व नौकरी दिलाने की बात कहकर एक युवक बिहार से दिल्ली लेकर आया था। जहां उसे उसने अमरपुर निवासी अरुण लांबा व उसकी पत्नी ममता लांबा को सौंप दिया।
उसे कहा गया था कि उसे कंपनी में काम पर लगवाया जाएगा। कृष्णा के अनुसार यहां लाकर उससे घरेलू काम करवाए जाते थे। कृष्णा के मुताबिक उससे सुबह पांच बजे से रात 11 बजे तक काम लेते थे। वहां भरपेट खाना भी नहीं मिलता था।
विरोध करने पर मारपीट करते थे। घर से बाहर नहीं जाने देते थे। मौका लगने पर उसने एक व्यक्ति का मोबाइल लेकर अपनी बहन को मामले की जानकारी दी थी।
दो वर्ष पूर्व दिल्ली से लाकर घरेलू काम में लगाया
बचपन बचाओ की तरफ से मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी कराने संबंधी शिकायत दी गई है। मानव तस्करी के कोई सबूत सामने नहीं आए हैं। अरूण व ममता लांबा के खिलाफ बंधुआ मजदूरी कराने संबंधी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। युवक का मेडिकल कराकर व मजिस्ट्रेट के समक्ष 164 के बयान कराकर उसे उसकी मां को सौंप दिया गया है। -मलखान सिंह, जांच अधिकारी।
प्रथम दृष्ट्या यह मामला मानव तस्करी का प्रतीत होता है। कृष्णा की बहन से हमें मामले की जानकारी मिली थी। -रिजवान अली, निदेशक, बचपन बचाओ आंदोलन, कालका जी दिल्ली।