रसोई में की थी डॉक्टर की हत्या
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि दिल्ली के जंगपुरा एक्सटेंशन में 10 मई, 2024 को शाम लगभग 6.50 बजे जनरल फिजिशियन डॉ. योगेश चंद्र पॉल (63) की उनके आवास में रसोई में हत्या कर दी गई थी। हत्या करने के बाद घर में लूटपाट की गई थी। सीसीटीवी फुटेज खंगालने से घर की नौकरानी वारदात में शामिल पाई गई। वारदात के मास्टरमाइंड प्रेम बहादुर नेपाली उर्फ देवराज उर्फ देव सिंह पुत्र सोम बहादुर नेपाली पहचान होने से बचता रहा। वह आरोपी पंकज नरजारी के साथ फरार था। दिल्ली पुलिस ने दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। शाखा में तैनात इंस्पेक्टर पंकज ठकरान व एएसआई अजय की टीम इनकी तलाश कर रही थी।
नेपाल सीमा से किए गए गिरफ्तार
पुलिस टीम ने बिहार और उत्तर प्रदेश में कई छापे मारे गए और अंतत: लगभग 3000 किलोमीटर की तलाशी के बाद दोनों आरोपियों सोनितपुर, असम निवासी आरोपी पंकज नरजारी और नया बस्ती, जिला- चितवन, नेपाल निवासी प्रेम बहादुर नेपाली उर्फ देवराज उर्फ देव सिंह पुत्र सोम बहादुर नेपाली को दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और नेपाल के धनगढ़ी सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे तैयार हुई साजिश
चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाला आरोपी विष्णुस्वरूप अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातें करता था। वह प्रेम बहादुर नेपाली के संपर्क में आया। इन लोगों ने मृतक डॉ. योगेश चंद्र पॉल (63) के दिल्ली के घर पर काम करने वाली नौकरानी बसंती ने अन्य आरोपी भीम की पत्नी वर्षा रावत को घर में बड़ी मात्रा में नकदी और सोने की जानकारी दी। यह जानकारी विष्णु स्वरूप तक पहुंची। इसने अपने साथियों हिमांशु और आकाश के साथ मिलकर डकैती करने की साजिश रची। बाद में प्रेम बहादुर को शामिल किया। प्रेम बहादुर ने पंकज नरजारी को भी शामिल किया।
रेकी कर दिया वारदात को अंजाम
आरोपियों ने घर क्लिनिक और डॉ. नीना पॉल (पीड़ित की पत्नी) की रेकी की। इसके बाद 10 मई, 2024 को पंकज नरजारी और अन्य लोग जबरन घर में घुस गए। उस समय वह घर में अकेले थे। आरोपियों ने डॉ. पॉल को पकड़ कर बांध दिया। इसके बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके आरोपी नकदी व जेवराहत लूटकर ले गए। हिमांशु, आकाश, विष्णुस्वरूप और बसंती पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। भीम और वर्षा अभी भी फरार हैं।
ऐसे करते थे वारदात
नेपाली मूल के सभी आरोपियों ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में घरों में सेंधमारी के लिए गिरोह बनाया। आरोपी नेपाली महिलाओं को घरों में नौकरानियों के रूप में काम करने के लिए भेजते थे। फिर वह रेकी कर अन्य आरोपियों को बता देती थी। वारदात के बाद, वे भारत छोड़कर अधिकांशत: नेपाल में छिप जाते हैं। डॉक्टर के यहां वारदात के लिए आरोपी बसंती को नौकरानी के रूप में रखा गया था।