हुडा के मास्टर प्लान में जिस सेक्टर 75 के लाइसेंस में छेड़छाड़ की बात की जा रही है। उसमें सत्ता से जुड़े बड़े-बड़े दिग्गजों व उनके चहेतों की जमीन है। सेक्टर 57 से लेकर हल्दीराम के पीछे आने वाले सेक्टर में एक कैबिनेट मंत्री के साले (जो दिल्ली के बसंत कुंज के रहने वाले हैं) की कंपनी की पौने आठ एकड़ जमीन है।
इतना ही नहीं उनके करीब रहे चेयरमैन ने यूनिटेक बिल्डर से दो साल पहले दो करोड़ 64 लाख 66 हजार की जमीन खरीद रखी है। इसके साथ ही एक विधायक के बेटे के नाम पर जमीन का छोटा टुकड़ा है। इतना ही नहीं सेक्टर 15 में रहने वाले एक कारोबारी व उसके पार्टनर के नाम पर भी जमीन है। जिसे संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी का रिश्तेदार बताया जा रहा है।
सेक्टर 75 में नियमों को ताख पर इन्हें लाभ पहुंचाने में हरियाणा के अधिकारियों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। जिन जमीनों को लाभ मिलता दिख रहा है। वह सभी जमीन मास्टर प्लान आने के बाद अलग-अलग बिल्डर से ली गई है।
देखने वाली बात यह है कि जिन बिल्डरों से सत्ता के करीबी उक्त लोगों ने जमीन खरीदी है, उन बिल्डरों को भी एफएआर बढ़ने से कितना लाभ हो रहा है। जानकारों की मानें तो जितने की जमीन है एफएआर बढ़ने व यूज बदलने से उसकी कीमत 25 गुना बढ़ गई है। मास्टर प्लान में हुए इस खेल की जानकारी सत्ता से जुड़े कुछ लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को भी दी जा चुकी है।