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सूरजकुंड मेला: मेले में दिख रही महिला सशक्तीकरण की झलक

Tue, 14 Feb 2017 01:34 PM IST
गौरव चौधरी/अमर उजाला, फरीदाबाद
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- फोटो : अमर उजाला
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सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले में हर जगह महिला सशक्तिकरण की झलक नजर आती है। मेले में विदेशी स्टॉल की कमान भी महिलाओं के हाथ में हैं। इस बार 68 फीसदी स्टॉल महिलाओं को आवंटित किए गए। इसके अलावा 60 फीसदी से अधिक महिला कलाकार चौपाल पर अपने हुनर को दिखा रही हैं।
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सीरिया, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, ताजिकिस्तान, श्रींलका  के स्टॉलों को महिला उद्यमी ही संचालित कर रही हैं। इसके साथ ही नेपाल और श्रीलंका के स्टॉलों पर बिकने वाला खूबसूरत सामान महिला हस्तशिल्पियों की कल्पना, सौंदर्यबोध, विनम्रता और निपुणता के साथ ही मानवीय संवेदनाओं को सूक्ष्मता से जानने की उनकी प्रतिभा को उजागर कर रहा है। यही नहीं किर्गिस्तान, जिंबाव्वे,कंबोडिया, तजाकिस्तान, तंजानिया की नृत्य-संगीत टोलियों में भी महिलाओं का ही बोलबाला है।

विदेशी कलाकारों के ग्रुप में भी 80 प्रतिशत महिलाओं का ही बोलबाला है। इन महिला कलाकारों ने बताया कि उन्होंने यह मुकाम अपनी मेहनत से पाया और  इंटरनेशनल मेले तक का सफर तय किया है। ज्यादातर स्टॉलों पर सजा हुआ समान वहां के गांवों में महिलाओं की सहकारिता टीमों ने बनाया है।
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श्रीलंका के स्टॉल की कमान चार 4 महिलाओं के हाथ है। उन्होनें बताया उनके स्टॉल पर सजा हुआ सामान श्रीलंका के गांवों में महिलाओं की टीमों द्वारा बनाया गया है। उनके देश में चाहे कोई मुस्लिम हो, ईसाई या हिंदू सभी लोग अपने धर्मों का पालन करने के साथ ही सनातन धर्म के रिवाजों को मानते हैं।

मेले में इस बार 1048 स्टॉल लगाए गए हैं। जिसमें 68 प्रतिशत स्टॉल महिलाओं को आंवटित किए  गए हैं। साथ ही मेले में इस बार 900 से ज्यादा देशी-विदेशी कलाकार भाग लेने पहुंचे हैं। जिनमें 545 महिला कलाकार अपनी प्रतिभा दिखा रही हैं।

तजाकिस्तान, तिर्किस्तान, जम्मू एंड कश्मीर के ग्रुप में सिर्फ महिलाएं ही हैं। वहीं तंजानियां, कंबोडिया, जिंबाव्वे में महिला व पुरुष कलाकारों की संख्या बराबर है। उत्तर-पूर्व ग्रुप समन्वयक श्याम सिंह ने बताया कि उनका ग्रुप छह राज्यों की संस्कृति को डांस के माध्यम से पेश कर रहा है। मणीपुर, नागालैंड, मेघालय, सिक्किम, असम और मिजोरम से 35 लोगों का ग्रुप है, जिसमें 20 महिलाएं हैं। 

सोमवार को भी रही भीड़
फरीदाबाद। 31वें अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला खत्म होने में अब दो दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में वीकेंड के बाद मेले का लुफ्त उठाने के लिए सोमवार को बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। सोमवार को लोगों ने विदेशी शिल्पकारों के सामान की जमकर खरीदारी की। सीरिया, श्रीलंका व अन्य देशों के कुछ स्टॉल तो खाली हो गए हैं। ट्यूनीशिया के जैतून से बना सामान पर्यटकों को खूब भा रहा है। मेले के कंट्री पार्टनर इजिप्ट (मिस्त्र) के शिल्पकार सजावट के सामान को ऑन द स्पॉट बनाकर दिखा रहे हैं, जिससे स्टॉल पर भीड़ देखने को मिल रही है। 

चौपाल पर थिरके कदम
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में चौपाल पर देश विदेश के कलाकारों ने लोक नृत्य के माध्यम से सांस्कृतिक छंटा बिखेरी। चौपाल पर थिरकते कदमों ने पर्यटकों के उत्साह को बढ़ाने का काम किया। कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से विभिन्न संदेश दिए। झारखंड राज्य के कर्मा नृत्य ने लोगों का मन मोह लिया। मिश्र के कलाकारों ने मंबुतैया, होमखूलूल, डब अलमेेगवेज और अलगावेजी नृत्य प्रस्तुत किए। मिजोरम के कलाकारों का बैंबु एवं तजाकिस्तान के कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से समां बांध दिया।
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