दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की गिरफ्त में मौजूद दोनों संदिग्ध आतंकी अब्दुल लतीफ मीर व मो. अशरफ खटाना को लाहौर, पाकिस्तान से निर्देश मिले रहे थे। जेहादी युवकों को लाहौर में बैठा अफताब मलिक निर्देश दे रहा था और वही इनको ट्रेनिंग के लिए इनको पाकिस्तान बुला रहा था। अफताब मलिक दोनों संदिग्ध आतंकी युवकों आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मौलाना अजहर मसूद का खास बताता था और मौलाना मसूद से मिलवाने की बात भी कहता था। स्पेशल सेल के अधिकारी मान रहे हैं कि आफताब मलिक ही इन दोनों संदिग्ध युवकों का हैंडलर था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों जेहादी युवकों के मोबाइल की प्रारंभिक फोरेंसिक रिपोर्ट मिल गई है। हालांकि अभी इनके मोबाइल के व्हाट्सएप व मैसेंजर की डिटेल नहीं आई है। स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों ही आरोपी करीब तीन महीने पहले सोशल मीडिया के जरिए अफताब मलिक के संपर्क में आए थे। इनकी मोबाइल की फोरेंसिक रिपोर्ट से पता लगा है कि संपर्क में आने के बाद ये व्हाट्सएप व मैसेंजर पर अफताब मलिक से आए दिन बात करते थे। अफताब के कहने पर जब ये बॉर्डर से पाकिस्तान नहीं जा आए तो फिर इन्हें नेपाल के रास्ते पाकिस्तान आने को कहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मो.अशरफ का कहना है कि उसका मामा पाकिस्तान में रहता है और वह मामा से बात करता था। अफताब ने ही इनको पाकिस्तान आकर ट्रेनिंग लेने को कहा था। उसने इनको कहा था कि पाकिस्तान में उनको काफी पैसा दिया जाएगा और उनका परिवार का खर्चा भी उठाया जाएगा। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने दोनों जेहादी युवकों को अभी आम्र्स एक्ट में गिरफ्तार किया हुआ है। स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संदिग्धों के खिलाफ यूएपीए लगाने के लिए कानूनी सलाह ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों को उम्मीद है कि बृहस्पतिवार तक कानूनी सलाह मिल जाएगी।