मारुति के मानेसर और गुडग़ांव प्लांट में मंगलवार के दूसरे हॉफ से कार उत्पादन का काम शुरू हो गया है। इस बात की जानकारी मारुति प्रबंधन द्वारा आधिकारिक तौर से दी गई है।
इससे मारुति की हरियाणा और एनसीआर भर की वेंडर कंपनियों को काफी राहत मिली है। क्योंकि जाट आंदोलन के कारण मारुति में काम बंद होने के कारण इन कंपनियों के का काम भी बुरी तरह से प्रभावित हो गया था।
ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि मारुति के लिए काम करने वाली औद्योगिक यूनिटों को प्लांट में काम शुरू होने से ऑक्सीजन मिल गया है।
जाट आंदोलन से साइबर सिटी में अगर कोई ऑटोमोबाइल कंपनी सबसे अधिक प्रभावित हुई तो वह मारुति है। यहां पर 20 फरवरी को बी शिफ्ट से काम बिल्कुल बंद हो गया था।