कैप्टन कपिल का 2012 में नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में चयन हुआ था। इसके बाद वह भारतीय सेना में भर्ती हुए। सेना के 15 जैकलाइ यूनिट के 23 वर्षीय कैप्टन कपिल कुंडू का 10 फरवरी को जन्मदिन था।
पिछले सप्ताह ही मां से फोन पर कहा था कि जन्मदिन घर पर मनाऊंगा। घर पर तैयारी भी चल रही थी, लेकिन अचानक रविवार रात शहादत की खबर आई।
पहले सूचना गांव के सरपंच और चचेरे भाई तारीफ कुंडू को मिली। जब उसने कपिल की मां को बताया तो मानों उसके पैरों तलों जमीन खिसक गई। दहाड़े मारकर रोने लगीं और बेहोश हो गईं। परिवार वालों ने ढाढ़स बंधाया, लेकिन मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
मां सुनीता देवी कहती हैं, मुझे अपने बेटे पर फक्र है। अगर मेरा एक और बेटा होता तो उसे भी फौज में भेजतीं। भगवान ने मेरे बेटे को समय कम दिया।
उसको देशभक्ति का बहुत शौक था। वो कहता था कि मां मेरे को मना मत करियो, उसको कोर में भेजा था लेकिन वो जबरदस्ती से इंफेंट्री में अप्लाई किया करता था।
मां रोते-रोते कहती हैं, कपिल कहता था मां मैं पेपरवर्क के लिए पैदा नहीं हुआ, इंफेंट्री के लिए मना मत करना। आज उसने शहादत दे दी।
तीन भाई-बहनों में शामिल सबसे छोटा कपिल सिर्फ घर का नहीं, पूरे इलाके का लाडला था। दो बड़ी बहनों के लाडले भाई ने देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गया।
आज उसे पूरा देश सलाम कर रहा है। कपिल कुंडू के पिता लाला राम का करीब छह वर्ष पहले ही निधन हो गया था। मां सुनीता कहती हैं कि कपिल ने अपनी बहनों से कहा था कि दीदी मैं 10 फरवरी को आऊंगा।
उसकी दोनों बहनें प्लान बना रही थीं कि भाई को रिसीव करने स्टेशन जाएंगी। लेकिन क्या पता था कि वह इतना बड़ा दुख देकर चला जाएगा।
मां ढूंढ रही थी बहू
चचेरे भाई तारीफ कुंडू ने बताया कि उससे जब भी शादी के लिए कहते तो वह मना करता रहा। अब उसने कहा था कि तीन साल बाद करूंगा। इसके बाद से उसकी मां भी बहू ढूंढने में लगी हुई थी।