डीटीसी बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए मार्शल ड्यूटी के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। महिला यात्रियों का आरोप है कि मार्शल की ड्यूटी यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखने की है, लेकिन वह सीट से उठने की जहमत तक नहीं उठाते हैं।
दिल्ली सरकार द्वारा डीटीसी बसों में मार्शल की तैनाती की गई है। महिला यात्री स्वाति शर्मा का कहना है कि उन्हें नंद नगरी से डीयू जाना पड़ता है। वह रूट संख्या 212 की बस में अक्सर सफर करती हैं। आरोप है कि इस रूट पर बस में कभी-कभी मार्शल नजर आते हैं। यदि किसी बस में दिखाई भी दे जाए तो वह कंडक्टर के बराबर वाली सीट से नहीं उठते हैं।
महिला यात्री सरोज का कहना है कि वह बस रूट संख्या 729 में दरियागंज से कापसहेड़ा जाती हैं। बस में तैनात मार्शल कभी भी महिला यात्रियों को सीट दिलवाने में मदद नहीं करते। मदद मांगने पर भी वे अपनी सीट से नहीं उठते हैं। बस में भारी भीड़ की स्थिति में यदि महिला सीट पर कोई पुरुष यात्री बैठा होता है तो उसे उठाने के लिए कई बार महिला यात्रियों को झगड़ा भी करना पड़ता है। ऐसे में महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
प्रियंका का कहना है कि डीटीसी बसों में दिन के बजाय शाम के समय कभी-कभी मार्शल दिखते हैं। उनका आरोप है कि मार्शल और कंडक्टर आपस में बातें करते रहते हैं। वह ना तो महिलाओं को सीट देते हैं और यदि मदद मांगते हैं तो अनसुना कर देते हैं। मार्शल पूरे समय मोबाइल में वीडियो देखते रहते हैं या फिर गेम खेलते रहते हैं। उन्होंने मार्शल की ड्यूटी का ठीक से निर्देशित करने की मांग की है।
इस बाबत डीटीसी प्रबंधन का कहना है कि किसी भी शिकायत के लिए यात्री डीटीसी की हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं। यदि मार्शल ड्यूटी में लापरवाही बरत रहे हैं तो कार्रवाई का प्रावधान है।