विवाह पंजीकरण के लिए अब सिर्फ ऑनलाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे। एक माह का ट्रायल पीरियड खत्म होने के साथ ही मैनुअल आवेदन भी बंद कर दिया गया है।
गौतमबुद्धनगर के डीआईजी स्टांप अरविंद सिंह चंदेल ने बताया कि ऑनलाइन आवेदन 21 नवंबर को शुरू हुआ था। एक माह का ट्रायल पीरियड चल रहा था, ताकि इस प्रक्रिया में अगर किसी तरह की अड़चन आए तो उससे पंजीकरण न रुके।
अच्छी बात यह रही कि इस पूरे माह में कोई दिक्कत नहीं हुई। 21 नवंबर से अब तक कुल 73 विवाह पंजीकृत हुए और सभी आवेदकों ने ऑनलाइन ही आवेदन किया है।
इस वेबसाइट से कीजिए आवेदन
दफ्तर आने से पहले ही आवेदन कर अपना कोड नंबर पहले ही ले लिया था, जिससे दफ्तर आने पर बहुत कम समय में उनका विवाह पंजीकरण कर दिया गया।
अब विवाह पंजीकरण के एक भी आवेदन मैनुअल स्वीकार नहीं किए जाएंगे, ऑनलाइन आवेदन ही करना होगा। इसके लिए विभागीय वेबसाइट (www.igrsup.gov.in) पर विवाह पंजीकरण कॉलम दिया गया है।
आवेदक जरूरी दस्तावेज को स्कैन कर आवेदन के साथ ऑनलाइन भेज दें। इसके बाद उनके ईमेल पर कोड भेज दिया जाएगा जिससे वे आवेदन को देख सकेंगे।
ये रही पंजीकरण की मामूली सी फीस
कोई कमी होगी तो उसकी जानकारी भी दी जाएगी। इसके बाद दिए गए समय पर कार्यालय आकर फोटो खिंचवानी होगी। आवेदन के साथ लगे दस्तावेज की हार्ड कॉपी भी देखी जाएगी।
उसके बाद पंजीकरण हो जाएगा। पंजीकरण शुल्क 6 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है। ज्यादातर विवाह पंजीकरण विदेश जाने के लिए कराए जा रहे हैं।
रजिस्ट्री विभाग के मुताबिक, पंजीकरण कराने के लिए कार्यालय आने वाले ज्यादातर लोग विदेश जाने को ही वजह बताते हैं, क्योंकि अगर पति-पत्नी एक साथ विदेश जाते हैं तो विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र देना जरूरी होता है। देश जाने के पीछे भी दो बड़ी वजह होती है। पहली वजह हनीमून और दूसरी वजह नौकरी है।
विवाह पंजीकरण के लिए इन कागजों की होगी जरूरत
वर के स्थायी पते के लिए निवास प्रमाणपत्र या मकान की रजिस्ट्री या विवाह स्थल, जिसमें गेस्ट हाउस, होटल, पार्क, बारात घर आदि शामिल हैं का प्रमाणपत्र।
जन्म तिथि के लिए जन्म प्रमाणपत्र
शादी की फोटो, जिसमें वर-वधू साथ हों।
शादी का कार्ड (विवाह से दो साल के अंदर पंजीकरण कराने पर)
दो साक्षी और उनके पासपोर्ट आकार के दो-दो फोटो।
राजपत्रित अधिकारी का प्रमाणपत्र
लड़का-लड़की के पासपोर्ट आकार के दो-दो फोटो।
शादी से एक साल के भीतर पंजीकरण कराने पर पंडित का प्रमाणपत्र।
(नोट:- अगर शादी विवाह स्थल के आधार पर हो रही है तो उसका बिल लाना जरूरी है।)