जाट आरक्षण के मद्देनजर शहर में लगी धारा 144 के बावजूद जेएनयू मुद्दे पर युवाओं का विरोध जारी रहा। सैंकड़ों युवा चार-चार के ग्रुप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे और पटवारी शिवराज को ज्ञापन सौंपा।
युवाओं का कहना था कि सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा 144 का वे सम्मान करते हैं। लेकिन, जेएनयू पर उनका विरोध जारी रहेगा।
दरअसल, शनिवार ‘यूथ फॉर नेशन’ के आह्वान पर ‘युवा आक्रोश प्रदर्शन’ का आयोजन किया जाना था। लेकिन जाट आरक्षण आंदोलन के कारण जिला प्रशासन ने शहर में धारा 144 लगा दी।
प्रशासन के निर्णय को देखते हुए युवाओं ने आंदोलन की रणनीति बदली और चार-चार लोगों का ग्रुप बनाकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
इस मौके पर युवाओं ने एसडीएम पार्थ गुप्ता द्वारा नियुक्त पटवारी शिवराज और कानूनगो रणवीर को ज्ञापन दिए।
कार्यक्रम संयोजक गौरव भारद्वाज ने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों में जिसतरह से वामपंथी व नक्सलवाद विचारधारा पनप रही है वह समाज के लिए घातक है।
देश के गद्दारों को शहीद और भारत को बर्बाद करने तथा खंडित करने वाले नारों से युवा वर्ग आहत है। ऐसे देशद्रोही लोगों को युवा बर्दाश्त नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि जेएनयू में जो भी हुआ वह बेहद निंदनीय है। इस बात का खेद है कि राजनैतिक दल देशद्रोही के पक्ष में खड़े हुए।
कार्यक्रम सहसंयोजक मनीष टोंगर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में देशद्रोही कृत्यों के खिलाफ युवाओं को ही नहीं बल्कि भारत के प्रत्येक नागरिक का फर्ज बनता है कि वह देशद्रोहियों को मुंहतोड़ जवाब दे।
इस मौके पर एबीवीपी की प्रांत छात्रा प्रमुख मीनू गोदारा, राजेंद्र गोयल, राजकुमार शर्मा, कमल कौशिक, युवा सरपंच सचिन माढोतिया, अजीत दलाल, राजेंद्र मोदगिल, ओमप्रकाश कौशिक, पवन सौरोत, रितिका, प्रिया, पूजा, अंजू, रीना, नैंसी और कविता सहित अनेक युवा मौजूद थे।