नोएडा में बाइकर्स गिरोह पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द है। शहर की भौगोलिक स्थिति का फायदा नोएडा से सटे जिलों के बदमाश उठा रहे हैं। नौकरी की तलाश में आए युवा अपने मंहगे शौक पूरे करने के लिए बाइकों पर लूटपाट करने के लिए उतर रहे हैं।
हर रोज नोएडा की सड़कों पर एक नया गिरोह वारदात को अंजाम देकर रफू चक्कर हो जाता है। वहीं थानों में दर्ज पुराने रिकार्ड के सहारे ही पुलिस लकीर पीटती नजर आती है। पिछले साल तीन सौ से ज्यादा छिनैती और लूट की घटनाओं में बाइक सवार बदमाशों को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसमें से अधिकांश बदमाशों का पहले से कोई पुलिस रिकार्ड ही नहीं था।
पूछताछ में पता चला कि वह नौकरी की तलाश में एनसीआर में आए और नौकरी छूटने या न मिलने पर अपने खर्चों को पूरा करने के लिए अपराध के दलदल में कूद गए।
नोएडा के नहीं हैं ये लुटेरे
पुलिस के मुताबिक मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर और अलीगढ़ से बदमाश बाइकों पर सप्ताह में एक दिन आते हैं और वारदात को अंजाम देकर चले जाते हैं। पिछले 45 दिनों में 18 लूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जबकि पुलिस एक का भी खुलासा करने में सफल नहीं हुई है।
फेस टू पुलिस ने पिछले दिनों बुलंदशहर के ऐसे ही एक गिरोह को पकड़ा था जो सप्ताह में एक दिन नोएडा व ग्रेनो में वारदात करने के लिए आता था। थाना सेक्टर-24 और सेक्टर-58 में भी मेरठ, हापुड़ व अलीगढ़ से आकर वारदात करने वाले बदमाश गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
इनकी उम्र जानकर चौंक जाएंगे आप
बाइक पर शहर में छिनैती और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों की उम्र भी पुलिस को हैरान करने वाली है। पुलिस के मुताबिक अधिकांश वारदातों में 16 से 25 साल तक के युवक पकड़े गए हैं, जिसमें छात्र से लेकर इंजीनियर व कॉल सेंटर कर्मी तक हैं।
सीओ थर्ड राजकुमार मिश्र के मुताबिक बॉर्डर सीलिंग से शहर में बाइक सवार बदमाशों के आतंक पर अंकुश लग सकता है। शासन अब पुलिस को जो संसाधन उपलब्ध कराने जा रहा है उनमें वाहन और आधुनिक संचार उपकरण भी है। उन्हीं में से शहर में चिह्नित सोलह बॉर्डर पर सीलिंग स्कीम तैयार कर वहां इनोवा कार पर पुलिस कर्मी जो वायरलेस से लैस रहेंगे।