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दिल्ली में हिंसा प्रभावित क्षेत्र के नालों से खुलेंगे कई राज

Mon, 02 Mar 2020 06:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा कमल कश्यप, नई दिल्ली
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शिव विहार का नाला - फोटो : अमर उजाला
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 हिंसा प्रभावित क्षेत्र चांद बाग, मुस्तफाबाद, ब्रजपुरी, गोकुलपुरी, मौजपुर, जाफराबाद, खजूरी खास, शेरपुर, शिव विहार, करावल नगर में बड़े-बड़े नाले हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां के नालों में हिंसा के दौरान मारे गए लोगों के शवों को डाला गया है।

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रोज औसतन एक शव नालों से निकल रहा है। लोगों का आरोप है कि उपद्रवियों ने लोगों की हत्या कर पहचान छिपाने के लिए शवों को नाले में फेंक दिया। आईबी कर्मी अंकित शर्मा का शव भी चांद बाग के नाले से मिला था। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अंकित के साथ तीन और युवकों को हिंसक भीड़ खींचकर ताहिर हुसैन की फैक्टरी में ले गई थी और उनका भी कोई पता नहीं है।

 दबी जुबान में लोगों का कहना है कि उन युवकों के शवों को भी नाले में डाला गया है। वहीं हिंसा वाले दिन मंगलवार के बाद सुबह जब ताहिर की फैक्टरी में मीडिया पहुंची तो वहां एक युवती के अधजले कपड़े मिले थे। अफवाह है कि उसके साथ कुछ गलत हुआ है और उसे भी मारकर नाले में डाला गया है। 
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कुछ लोगों ने दावा किया कि हिंसा वाली रात उपद्रवियों को नालों की ओर बड़े बोरे में कुछ ले जाते हुए देखा था। चांद बाग से यूसुफ, जिनकी उम्र 16 साल है गायब हैं। पिता यूनुस का कहना है कि पुलिस के पास जाने से डर रहे हैं कि कहीं पुलिस उनको ही न फंसा दे। इस तरह हिंसाग्रस्त जाफराबाद, मौजपुर में भी बड़े नाले हैं। 

इन क्षेत्रों में भी कई लोग गायब हैं। इसी तरह मूंगानगर और खजूरी से भी लोगों के गायब होने की खबर है। शिव विहार में भी बड़ा नाला है और यहां भी खूनी हिंसा और गोलीबारी हुई थी। स्थानीय लोग हिंसा वाले दिन से ही पुलिस और आला अधिकारियों से नाले को खंगालने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन फिलहाल पुलिस  इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। 

पुलिस ने रविवार को दो अलग अलग जगहों से तीन और शव बरामद किए। पुलिस ने गोकुलपुरी नाले से एक शव और भागीरथी विहार के नाले से दो शव निकाले। हालांकि  पुलिस ने न तो हिंसा में इनके मारे जाने की पुष्टि की है, न ही इनकी शिनाख्त नहीं हो पाई है।

सभी को सुरक्षा की चिंता
पुलिस और सरकार दावा कर रही है कि हिंसाग्रस्त क्षेत्र में हालात सामान्य हो रहे हैं ,लेकिन इन क्षेत्रों के लोग डर से साथ गुस्से में भी हैं। सबको चिंता है कि अब सुरक्षा कैसे होगी। हिंसाग्रस्त क्षेत्र में लोगों ने काम-धंधे पर तो जाना शुरू कर दिया है, लेकिन देर रात गलियों में लोगों का जमावड़ा होता है और ये बातें की जा रही हैं कि अगर दूसरा पक्ष हावी हो तो कैसे निपटा जाए और अपनी सुरक्षा कैसे की जाए।

हिंसाग्रस्त क्षेत्र में लोग घरों की सुरक्षा के लिए धड़ाधड़ लोहे के बड़े गेटों का ऑर्डर दे रहे हैं। हिंसाग्रस्त चांदबाग, मुस्तफाबाद, मौजपुर, गोकुलपुरी, शेरपुर क्षेत्र के कई लोगों से जब बात की गई, तो सबका गुस्सा पुलिस और सरकार पर था। 

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