मादक पदार्थों के सेवन पर एम्स की एक सर्वे रिपोर्ट में पंजाब ही नहीं, बल्कि पूरे देश की भयावह तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तीन करोड़ से ज्यादा लोग दिन में चार से छह बार भांग, चरस और गांजे का सेवन करते हैं, जबकि 16 करोड़ लोग शराब के आदी हैं।
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और एम्स के संयुक्त तत्वावधाना में तैयार इस रिपोर्ट को सोमवार को विभाग के मंत्री थावर चंद गहलोत ने पेश किया। इस रिपोर्ट के आधार पर देश को नशा मुक्त कराने के लिए केंद्र सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर एक्शन प्लान तैयार करेगा।
गहलोत ने कहा कि यह पहली बार अध्ययन किया गया है कि देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कितनी आबादी नशे का सेवन करती है। उन्होंने बताया कि पिछला सर्वे 2000-2001 में किया गया था, जिसकी रिपोर्ट 2004 में आई थी।
यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और और संयुक्त राष्ट्र संघ (नशा एंव अपराध) कार्यालय की ओर से किया गया था। इस सर्वे में राज्य वार आंकड़े नहीं थे। ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि देश में कितनी बड़ी आबादी नशे की आदी है और उन्हें उपचार की जरूरत है। पिछला सर्वे बताता है कि शराब के आदी 38 में लोगों में से एक को ही इलाज मिलता है।
दो तरह से किया सर्वे
दो तरह से किया सर्वे
एम्स के नेशनल ड्रग डिपेन्डेंस ट्रीटमेंट सेंटर के वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. अतुल आंबेकर ने बताया कि दिसंबर 2017 से अक्तूबर 2018 के बीच देश 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जाकर 10 से 75 वर्ष तक के लोगों पर दो प्रकार से सर्वे किया है। सबसे पहले एम्स की टीम ने हर राज्य के साढ़े 12 हजार परिवारों का साक्षात्कार किया।
इसके तहत 2 लाख से ज्यादा घरों में पहुंचकर 4 लाख 73 हजार लोगों से साक्षात्कार किया। वहीं आरडीएस के तहत नशे की लत में डूबे 72 हजार लोगों से साक्षात्कार करने के बाद पहली बार राज्य स्तर पर मादक पदार्थों के सेवन और उसकी लत के शिकार लोगों की स्थिति सामने लाई गई है। शराब, गांजा-भांग-चरस और अफीम-डोडा-हेरोइन तीन वर्गों में चिंताजनक स्थिति सामने आई है।
क्या है सर्वे का मकसद
सेंटर के निदेशक डॉ. राकेश कुमार चड्डा ने बताया कि अभी तक किसी विशेष राज्य को नशे से जोड़कर देखा जाता है जबकि सच्चाई कुछ और ही है। नशा एक बीमारी है, इसका इलाज लोगों को लेना चाहिए। इस सर्वे के पीछे भी यही मकसद है। डॉ. अतुल बताते हैं कि सर्वे के दौरान चौंकान्ने वाली बात यह सामने आई कि लोगों को नशे से बचाने के लिए इलाज नहीं है। इसलिए सर्वे के जरिए सरकार से ग्रामीण स्तर तक स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने की मांग की है, ताकि नशे की लत के शिकार लोगों को इलाज मिल सके।
16 करोड़ लोग शराब की चपेट में
16 करोड़ लोग शराब की चपेट में
पिछले दिनों जहरीली शराब के सेवन से कई जिंदगियां और परिवार तबाह हो गए। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार देश की 14.6 फीसदी आबादी यानि 16 करोड़ लोग (10-75 आयु वर्ग) शराब की चपेट में हैं। इनमें से देशी शराब पीने वालों की संख्या करीब 8 करोड़ है। 1.6 फीसदी महिलाएं शराब पीती हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 27.3 फीसदी है। छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, पंजाब, अरुणांचल प्रदेश और गोवा में शराब पीने वाले ज्यादा हैं।
बच्चों के बीच भी पहुंचा भांग-गांजा और चरस
डॉ. अतुल आंबेकर के अनुसार शराब के बाद देश में भांग-गांजा और चरस को बड़े पैमाने पर नशे के रूप में सेवन किया जाता है। 10 वर्ष तक की आयु के मासूमों में भी इसकी लत है। देश में 3 करोड़ 10 लाख लोग इसकी चपेट में हैं, जिनमें से 72 लाख लोगों को तुरंत इलाज की जरूरत है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, सिक्किम और छत्तीसगढ़ के अलावा देश की राजधानी दिल्ली में इनका सेवन करने वाले सबसे ज्यादा लोग हैं।
उत्तर-पूर्वी भारत में अफीम का चलन
उत्तर-पूर्वी भारत में अफीम का चलन
उत्तर-पूर्वी भारत में अफीम की गोलियों का ज्यादा सेवन किया जा रहा है। सिक्किम, अरुणांचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर और मिजोरम सहित अन्य राज्यों के करीब 2 करोड़ लोग अफीम, डोडा और हेरोइन जैसे मादक पदार्थों का सेवन कर रहे हैं।
यूपी के घरों में दर्द निवारक गोलियों से नशा
सर्वे में ये भी खुलासा हुआ है कि यूपी, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के घरों में लोग दर्द निवारक गोलियों के जरिए नशे की लत को पूरा कर रहे हैं। इन्हीं राज्यों से देश में नशा करने वालों की संख्या सबसे अधिक है। नशीले पदार्थों के सेवन में उत्तरप्रदेश सबसे आगे है।
सर्वे के कुछ तथ्य
सर्वे के कुछ तथ्य
- देशभर में 186 जिलों में 2,00,111 घरों में जाकर 4,73,569 लोगों से साक्षात्कार लिया गया।
-पिछले 12 माह में 3.1 करोड़ लोगों ने भांग-गांजा का सेवन किया।
-1.14 फीसदी लोग हेरोइन का नशा करते हैं।
-0.96 फीसदी लोग दवाओं को नशे के रूप में लेते हैं।
-2.6 फीसदी लोग भांग-गांजा व चरस के सेवन करते हैं।
-1.18 करोड़ (10-75 आयु वर्ग) लोग बिना चिकित्सकीय सलाह के नशीली दवा का सेवन करते हैं।
-चरस और गांजा के बाद देश में भांग का सर्वाधिक सेवन किया जाता है।
-उत्तरप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र्, राजस्थान, आंध्राप्रदेश और गुजरात के सबसे अधिक लोग नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली समस्याओं से पीड़ित हैं।
-8.5 लाख लोग नशीले इंजेक्शन लेते हैं। ऐसे लोग उत्तरप्रदेश, पंजाब, दिल्ली, आंध्राप्रदेश, तेलंगना, हरियाणा, कर्नाटका, महाराष्ट्र, मनिपुर और नागालैंड में अधिक हैं।