कोरोना महामारी से पूरा विश्व त्रस्त है। इस महामारी ने लोगों के जीवन में काफी कुछ बदल दिया है। आजतक दुनिया ने कई महामारियां देखी हैं, लेकिन कोविड जैसा वैश्विक प्रभाव किसी से नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को कोरोना से सीख लेते हुए जीवन यापन के तरीकों को बदलना होगा। अन्यथा भविष्य में और भी महामारियां दस्तक दे सकती हैं।
सफदरजंग अस्पताल में कम्युनिटी मेडिसन विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर जुगल किशोर ने कहा कि पिछले कई सालों में दुनिया ने पोलियो, स्वाइन फ्लू, एचआईवी, डेंगू, मलेरिया, निपाह जैसी कई महामारी देखी। इसके बाद अब कोविड आया है।
लोगों की गलतियों के कारण ही यह सब बीमारियां फैली हैं। इसमें जंगलों का कटना, आबादी का विस्थापन, जंगली जानवरों को खाना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लोग अगर प्रकृति के साथ इसी प्रकार से खिलवाड़ करते रहे तो आने वाले समय में कई और महामारियों का दौर देखेंगे।
इसलिए जरूरी है कि सीमित संसाधनों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। जिन चीजों से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, उन्हें तुरंत छोड़ देना चाहिए। क्योंकि पर्यावरण में बदलाव के कारण लोग एक से दूसरे स्थान पर जाते हैं। अगर वे किसी बीमारी से पीड़ित हैं तो उसे दूसरे क्षेत्र तक ले आते हैं। लोगों की आवाजाही के कारण ही कोविड पूरी दुनिया में फैला है।
डॉक्टर किशोर के मुताबिक, लोगों को अब अपने जीवन जीने के तरीकों को बदलना होगा। कोविड महामारी से काफी कुछ सीख सकते हैं। जैसे अब सभी अपने आसपास सफाई रखते हैं और समय -समय पर हाथ धोते रहते हैं। साथ ही मास्क लगाने का जो चलन है अगर इसको लंबे समय तक बरकरार रखेंगे तो भविष्य में आने वाली महामारियों से बच सकेंगे।