निजामुद्दीन मरकज में सालभर जमात आने-जाने का सिलसिला चलता रहता है। सूत्रों का कहना है कि भारत आने के बाद कई विदेशी जमातों को देश के अलग-अलग हिस्सों में रवाना कर दिया गया। इस स्थिति में सरकारी तंत्र के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
क्योंकि, इन जमातियों में यदि कोई कोरोना वायरस संक्रमित पाया जाता है तो उसने काफी लोगों को संक्रमित कर दिया होगा। ऐसे लोगों की पहचान कर उन तक पहुंचने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। मरकज के जिम्मेदार लोगों से ऐसी जमातों के आंकड़े भी मांगे गए हैं।
दूसरी ओर मरकज में कोरोना के कई संदिग्ध मिलने के बाद पूरे इलाके में दहशत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लॉकडाउन से पूर्व मरकज में आने वाले लोग बेफिक्र होकर निजामुद्दीन में खरीदारी करते रहे। इनमें बड़ी संख्या में विदेशी भी शामिल थे।
इनकी वजह से कितने लोग संक्रमित हुए या होने वाले हैं, यह सोचकर लोगों के होश उड़े हुए हैं। वह अपने घरों से निकलने के लिए भी तैयार नहीं हैं।
जमात पर आए लोगों की होगी दोबारा जांच
फरीदाबाद। निजामुद्दीन में जमातियों में कोरोना के लक्षण पाए जाने के बाद फरीदाबाद में भी प्रशासन सतर्क हो गया है। जिले में भी नेपाल और इंडोनेशिया से जमात पर आए करीब 50 लोगों की जांच कराई जा रही है। हालांकि उनकी पहले भी जांच हो चुकी है और सभी स्वस्थ हैं।