केजरीवाल ने उदाहरण के तौर पर कहा कि, सीएम केजरीवाल ने कहा कि बिहार से करीब 500 रुपये खर्च करके मरीज दिल्ली आता है और यहां के अस्पताल में करीब 5 लाख रुपये का इलाज लेकर चला जाता है। उनके राज्य में चिकित्सीय सेवाएं दिल्ली जैसी मजबूत नहीं हैं। इससे खुशी भी होती है कि अपने ही देश के लोग हैं, लेकिन दिल्ली की अपनी क्षमता है।
दिल्ली पूरे देश के लोगों का इलाज कैसे करेगी? वहां की सरकारें आप की तरह मंशा नहीं रखती हैं। पूरे देश में दिल्ली की तरह स्वास्थ्य सेवाओं पर काम होना चाहिए। बाहर के राज्यों से मरीज बड़ी तादाद में इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि डेनमार्क में सबके लिए इलाज फ्री है। दिल्ली में भी सरकार ने यही किया है। दिल्ली में वह सुविधा मिल रही है, जो डेनमार्क, अमेरिका, जापान में मिलती है।
केजरीवाल के इस बयान के बाद दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी उन पर हमलावर हो गए हैं। उन्होंने कहा, एक बार फिर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घृणा का भाव दिखाया है। अगर बिहार का कोई व्यक्ति दिल्ली आकर इलाज करा लेता है, तो इससे अरविंद केजरीवाल का कलेजा क्यों फट रहा है।
5 लाख तक के इलाज की व्यवस्था तो मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत के तहत कर दी है। ये व्यवस्था तो अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में लागू की नहीं। अगर इसका बिहार, दिल्ली, यूपी, हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में आयुष्मान योजना के तहत 5 लाख तक का इलाज दिया है, तो केजरीवाल का क्यों कलेजा फट रहा है।
अरविंद केजरीवाल मुझसे पर्सनल दुश्मनी निकाल रहे हैं, जिसकी सजा अन्य प्रांतों को दे रहे हैं, तो यह उनकी बौखलाहट है, जो अगली हार के तौर पर दिख रही है। दूसरे राज्यों के प्रति अरविंद केजरीवाल का घृणा वाला भाव दिख रहा है, जिसका बदला लोग जरूर लेंगे।