अपनी नई फिल्म गली गुलियान के बारे में बताइए।
खुदूस नामक शख्स की कहानी है। जो मानसिक रूप से उलझा हुआ है, वह बाहर की दुनिया से कटा है, पुरानी दिल्ली की गली गुलियान में रहता है। समाज चाहता है वह वहां से चला जाए, वह जाना नहीं चाहता। एक बच्चे को जब उसका बाप बुरी तरह पीटता है तो वह एक बच्चे को बचाना चाहता है। कुछ ऐसी ही कहानी है।
कोई ऐसा रोल जो आप करना चाहते हों?
बहुत से रोल करना चहात हूं, समाजा में ऐसे कई किरदार हैं। फिल्मों के लेखकों को आइडिया देता हूं कि इन पर लिखो।
एक्टर नहीं होते तो क्या होते?
मैं किसान परिवार से हूं। सबसे बड़ा बेटा। जाहिर सी बात है अगर अभिनेता नहीं होता तो किसान होता। किसान नहीं बनने की परंपरा को मैंने ही तोड़ा। मेरा परिवेश ऐसा है इसी वजह से गैंग्स आफ वासेपुर जैसी फिल्में सहजता से कर लेता हूं।
क्या कभी फिल्म बनाएंगे या डायरेक्टर के रोल में भी दिखेंगे?
मेरी दूसरी को प्रोड्यूस की हुई फिल्म भोसले है जिसे कई जगह सराहा जा रहा है, डायरेक्ट करने की भी सोच रहा हूं।