गुरुग्राम में सोमवार रात करीब तीन बजे से पांच घंटे तक लगातार चली बारिश से शहर जलमग्न हो गया। पांच घंटे में 132 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि मंगलवार को दिन भर मेें यह आंकड़ा 145 मिमी. तक पहुंच गया।
शाम के बाद भी रिमझिम बारिश का दौर जारी था। मौसम विभाग के मुताबिक बीते दस वर्षो में यह सर्वाधिक बारिश है। इससे पहले 2008 मेें एक ही दिन में 162 मिमी. पानी बरसा था। अगले दिनों मेें और बारिश की संभावना देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी करने के साथ ही कर्मचारियों को छुट्टी टालने को कहा है।
शहर में हुई भारी बारिश ने प्रशासन के इंतजामों की पोल खोल दी। सभी सड़कों और इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया। हीरो होंडा चौक समेत प्रमुख अंडरपास में वाहन डूब गए। कड़ी मशक्कत के बाद वाहनों में सवार लोगों को बाहर निकाला जा सका, वहीं सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन ने अंडरपास में वाहनों का प्रवेश बंद कर पंप से पानी निकलवाया।
बारिश के दौरान एक्सप्रेस-वे पर 20 किमी लंबा जाम लग गया, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। पानी निकासी का इंतजाम न होने के चलते पुराने गुरुग्राम के अलावा नए शहर में सड़कें जलमग्न हो गईं।
औद्योगिक क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों में स्थित फैक्ट्रियों और घरों में पानी घुस गया। पूरे शहर में जाम की स्थिति बन गई। सुबह ऑटो, कैब और सार्वजनिक वाहनों की सेवाएं बंद रहीं। इससे लोगों को भारी परेशानी हुई।
कई स्कूलों में छुट्टी रही
शहर में लगातार बारिश को देखते हुए बच्चों ने घरों में ही रहना मुनासिब समझा। दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर-45, लॉटस इंटरनेशनल स्कूल समेत दो दर्जन से अधिक स्कूलों ने छुट्टी घोषित कर दी।
इतनी अधिक बारिश का अनुमान नहीं था। बारिश अधिक होने के साथ ही प्रशासन ने सभी महकमों को अलर्ट कर दिया था। निगम और ट्रैफिक पुलिस की टीमें सड़क पर थीं। ट्रैफिक जरूर धीमा रहा, लेकिन महाजाम की स्थिति नहीं हुई है। मौसम को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी टालने के लिए कहा गया है।-विनय प्रताप, उपायुक्त