जेल में बंद बदमाश से सुपारी लेकर समाजवादी पार्टी नेता व प्रॉपर्टी डीलर मो. जैद शकील की लखनऊ में गोली मारकर हत्या करने के आरोपी को दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ में दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी शौकत पाशा और सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते गिरोह का सदस्य है।
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उसकी पहचान इज्जत नगर, बरेली निवासी मन्नान उर्फ खलीफा उर्फ मुर्तजा उर्फ मोनू (33) के रूप में हुई है। दक्षिण-पूर्व जिले की स्पेशल स्टॉफ पुलिस ने मन्नान को अमर कॉलोनी इलाके में हल्की मुठभेड़ के बाद दबोचा।
उसके पास से चोरी की एक बाइक, एक पिस्टल व तीन कारतूस मिले हैं। आरोप है कि मन्नान ने एक महिला से पांच लाख की सुपारी लेकर उसके पति पर ओखला मंडी में जानलेवा हमला किया था। मन्नान पर यूपी पुलिस ने 12 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त रोमिल बानिया ने बताया कि स्पेशल स्टॉफ में तैनात एसआई योगेश कुमार को सूचना मिली थी कि मन्नान मूलचंद इलाके में परांठे वाले के पास आने वाला है।
रविवार देर रात दो बजे पुलिस ने बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही आरोपी ने पुलिस की बेरीकेड में टक्कर मार दी। इस दौरान वह बाइक समेत गिर गया। इसके बाद उसने पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर फायर का प्रयास किया, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
जाकिर नगर की महिला ने दी थी पति की सुपारी
मन्नान
- फोटो : अमर उजाला
तिहाड़ जेल में मन्नान की मुलाकात मो. जकी नामक युवक से हुई। दोनों में दोस्ती हो गई। जेल रिहा होने के बाद मन्नान ने जाकिर नगर स्थित जकी के घर आना-जाना शुरू कर दिया।
इसी दौरान मन्नान की मुलाकात जकी की पत्नी आयशा से हुई। जकी से आयशा की दूसरी शादी थी। आयशा जकी को छोड़कर दुबई में रहने वाले अपने दोस्त मुजीबुद्दीन से शादी करना चाहती थी। जकी इसके लिए तैयार नहीं था।
आयशा मन्नान की आर्थिक मदद करती रहती थी। आयशा ने अपने भाई सरफराज के साथ मिलकर जकी को खत्म कराने के लिए मन्नान को पांच लाख रुपये की सुपारी दी। उसने एडवांस 50 हजार दे भी दिए।
मन्नान ने वारदात को अंजाम देने के लिए बरेली से अपने साथी इजहार को बुलाया। इधर, मन्नान को शक था कि काम होने के बाद आयशा उसके पैसे नहीं देगी, इसलिए उसने 23 नवंबर को ओखला मंडी में उसके पति जकी की जांघ में गोली मारी, ताकी वह दिखा सके कि वह उसकी पति की हत्या कर सकता है, लेकिन इससे पहले पुलिस ने सुपारी लेकर हत्या के प्रयास की गुत्थी को सुलझा ली।
तिहाड़ जेल में ही मन्नान की मुलाकात लखनऊ के गैंगस्टर सलीम से हुई, वह हत्या, लूटपाट और जबरन वसूली जैसे मामलों में बंद था। सलीम और मन्नान की नजदीकी बढ़ी तो सलीम ने उसे लखनऊ में समाजवादी पार्टी के नेता व प्रॉपर्टी डीलर मो. जैद शकील की हत्या करने की सुपारी दे दी।
आरोप है कि मन्नान ने जेल से बाहर आते ही लखनऊ के बाजार खाला इलाके में जैद की हत्या कर फरार हो गया। यूपी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 12 हजार का इनाम घोषित कर दिया, पुलिस को तभी से उसकी तलाश थी।
जल्दी रुपये कमाने के लिए बना बदमाश
मूलरूप से बरेली का रहने वाला मन्नान दिल्ली आकर छोटा-मोटा काम करता था। जल्दी रुपये कमाने के चक्कर में उसने दिल्ली के बदमाश सत्यप्रकाश उर्फ सत्ते का दामान थाम लिया। वह जावेद, सोनू चिकना और पप्पू बिहारी के साथ मिलकर दिल्ली में लूटपाट, डकैती व अन्य वारदात को अंजाम देने लगा।
2008 में दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया, लेकिन वह जल्द ही जेल से बाहर आ गया। इसके बाद उसने बैंक व कैश वैन लूटनी शुरू कर दी। जल्द ही उसे अपराध शाखा ने दबोच लिया। इसके बाद वह आठ साल जेल में रहा।
2015 में जेल से बाहर आने के बाद उसने प्रॉपर्टी डीलर का काम शुरू किया। इसके बाद वह चोरी की लग्जरी कारें खरीदकर उनके इंजन व चेसिस नंबर बदलकर बेचना भी शुरू किया। 2016 में फिर पुलिस ने उसे दबोच लिया, लेकिन वह दो महीने बाद ही जेल से बाहर आ गया। इसके बाद से वह लगातार वारदात कर रहा था।