दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ गाजीपुर सब्जीपुर मंडी के व्यापारियों ने शिकायत की है जिसके बाद वो आप विधायकों और समर्थकों के साथ प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक निवास 7 आरसीआर की ओर बढ़े जहां वो आत्म-समर्पण करना चाहते थे। हालांकि मनीष सिसोदिया सहित 52 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया गया था। तीन घंटे बाद पुलिस ने इन सबको रिहा कर दिया।
इससे पहले रविवार सुबह पीएम आवास की ओर बढ़ते काफिले को रोकने के लिए पुलिस ने रेस कोर्स मेट्रो स्टेशन बंद कर दिया था और सात आरसीआर के आस-पास के इलाके में धारा 144 लागू की थी।
पुलिस ने उप-मुख्यमंत्री के काफिले को तुगलक रोड पर ही रोक दिया था। हालांकि, इस दौरान मनीष सिसोदिया ये मांग करते रहे कि उन्हें अपनी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की अनुमति दी जाए। बाद में पुलिस ने मनीष सिसोदिया समेत सभी आम विधायकों और समर्थकों को हिरासत में ले लिया।
बता दें कि शनिवार को व्यापारियों ने अपनी शिकायत में कहा था कि उन्हें दिल्ली के डिप्टी सीएम से खतरा है और उन्हें नुकसान पहुंचा सकते हैं।
गाजीपुर सब्जी मंडी आढ़त के अध्यक्ष सुरेंद्र गोस्वामी ने गाजीपुर थाने में शिकायत की है कि जब उन्होंने मनीष सिसोदिया से अपनी समस्या बताई तो उन्हें धमकी दी गई कि आप ज्यादा बोलते हो...आपको देख लूंगा मैं।
गोस्वामी ने आरोप लगाया कि सिसोदिया ने धमकी देते हुए अपने अधिकारियों से कहा इन सब की फोटो खींचों और सबको थाने में डलवा दो।
इस विवाद के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले में प्रधानमंत्री को भी घसीट लिया और ट्वीट कर कहा कि मनीष सिसोदिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
मनीष रविवार को प्रधानमंत्री निवास 7 आरसीआर जाएंगे और आत्मसमर्पण करेंगे।
इस बीच रविवार को ही आप विधायकों की एक मीटिंग मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर बुलाई गई जहां इस मामले पर आगे की कार्यवाई पर विचार किया जाना है।
Complaint filed against Manish Sisodia yesterday. Manish will go to 7, RCR today to surrender himself before PM pic.twitter.com/M6hbzksWDO
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) June 26, 2016