दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने राजधानी में निर्माण क्षेत्र से जुड़े मजदूरों का पंजीकरण कर उन्हें कल्याणकारी लाभ दिलाने के लिए जोर दिया है। सिसोदिया ने मंगलवार की सुबह पुष्प विहार इलाके में जिला श्रम कार्यालय का औचक निरीक्षण कर नाराजगी जताते हुए यह बातें कहीं।
श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन न होने पर गंभीर बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही अधिकारियों से ऐसी व्यवस्था बनाने के लिए भी कहा जिससे पंजीकरण के लिए मजदूर को बिना पैसा दिए और धक्का खाए सुविधा मिल जाए।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी में करीब 10 लाख निर्माण मजदूर होने का अनुमान है। ऐसे में प्रत्येक मजदूर को कल्याणकारी योजना का लाभ दिलाना भी हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए बोर्ड के अधिकारियों के साथ-साथ श्रम विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों की भी मदद ली जाएगी।
श्रम कार्यालय में औचक निरीक्षण के दौरान सिसोदिया ने कार्यालय में अनुपस्थित पाए जाने पर उप सचिव के खिलाफ भी कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। श्रम कार्यालय में पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए पहुंचे मजदूरों ने सिसोदिया को अपनी पीड़ा से भी अवगत कराया।
वहीं, सिसोदिया को यह भी जानकारी मिली कि मजदूरों को पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी न होने के कारण बिचौलियों का भी शिकार होना पड़ता है। ऐसे में विभिन्न गरीब बस्तियों में इस तरह के दलाल सक्रिय हैं जो सत्यापन के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं। इसको देखते हुए सिसोदिया ने सभी अधिकारियों को पंजीकरण की पूरी जानकारी होर्डिंग के माध्यम से भी उपलब्ध कराने के साथ सीसीटीवी कैमरे लिए निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जो भी दलाल पकड़ा जाए उसके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जानी चाहिए। वहीं,बिचौलियों की भूमिका पाए जाने पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। सिसोदिया ने श्रम कार्यालय में कतार में मौजूद लोगों से बातचीत के दौरान पाया कि श्रमिकों को छह से सात घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। इसके बाद भी उनका काम नहीं हो पाता है।
वहीं, सिसोदिया ने इस बात पर नाराजगी जताई कि निर्माण बोर्ड में पंजीकरण कराने के नाम पर बिचौलियों द्वारा निर्माण मजदूरों से पैसे भी वसूले जाते हैं। ऐसे में सिसोदिया ने आदेश दिया कि अधिकारी स्वयं लाइन में जाकर श्रमिकों का दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। इसके साथ ही नवीनीकरण प्रक्रिया को भी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। सिसोदिया ने श्रमिकों को आश्वासन दिया कि वह पूरी प्रक्रिया में चरणबद्ध तरीके से सुधार करेंगे। जिससे एक सप्ताह के भीतर श्रमिक खुद को पंजीकृत करा सकेंगे।