देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। आप के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था खराब होती जा रही है। इसके लिए भाजपा-कांग्रेस जिम्मेदार है। आज दुनिया भर के देश अपने बच्चों को एआई में एक्सपर्ट बनाना सिखा रहे हैं और हम बच्चों को एआई मजदूर बनाने लायक भी शिक्षा नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा शिक्षा पर काम करती आई है। हम जहां सरकार में हैं, वहां शिक्षा पर काम कर रहे हैं और जहां सरकार में नहीं हैं, वहां की सरकारों से शिक्षा व्यवस्था ठीक करने के लिए लड़ रहे हैं।
मंगलवार को आप के 20 राज्यों के प्रभारियों ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर गहन मंथन किया और फैसला लिया है कि पार्टी 3 हजार कार्यकर्ताओं की टीम देश भर के सरकारी स्कूलों का दौरा करने के लिए भेजेगी, जो स्कूलों की हालत पूरे देश के सामने रखेंगे। मंगलवार को पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और सांसद संजय सिंह के साथ पार्टी मुख्यालय पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के शिक्षा मंत्रियों का सम्मेलन बुलाया था और उसमें उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के जरिए हम देश को नई उचांइयों पर ले गए हैं। लेकिन इस दावे की जमीनी हकीकत कुछ और ही है। आज दुनिया भर के देश अपने बच्चों को किस युग के लिए तैयार कर रहे हैं और भारत अपने बच्चों को कौन से युग में मरने के लिए स्कूल भेज रहे हैं। पूरे देश ने राजस्थान के झालावाड़ में सरकारी स्कूल की छत गिरने का दृश्य देखा है, जहां 8 बच्चे अपनी जान गंवा बैठे। वहां माता-पिता ने अपने बच्चों को इस उम्मीद में पढ़ने के लिए भेजा था कि मेरे बच्चे स्कूल जाएंगे तो पढ़ेंगे और मेरे परिवार का भविष्य बनेगा। लेकिन पैरेंट्स अपने बच्चों का शव लेकर आए।
संजय सिंह ने भी सरकारी स्कूल बंद करने के मामले में साधा निशाना
आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि भाजपा देश को अनपढ़ बनाकर नफरत की राजनीति में उलझाए रखना चाहती है। आम आदमी पार्टी जनहितकारी योजनाओं को लेकर राजनीति करती है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी और सरकार को शानदार शिक्षा व्यवस्था, वर्ल्ड क्लास सरकारी स्कूल, फ्री बिजली, पानी और इलाज के लिए जाना जाता है। वहीं भारतीय जनता पार्टी की सरकार को जनहितकारी योजनाओं और सरकारी स्कूलों को बंद करने के लिए जाना जाता है। भाजपा सरकार, सरकारी स्कूलों में मिड डे मील, किताबें और बिजली तक मुहैया नहीं करा पा रही है।