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डोर स्टेप डिलीवरी को रिजेक्ट करने पर फिर भड़के सिसोदिया, कह डालीं ये बातें

Fri, 29 Dec 2017 10:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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Delhi Deputy Chief Minister Manish Sisodia - फोटो : File Photo
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डोर स्टेप डिलीवरी योजना पर रोक लगाने के बाद दिल्ली सरकार ने एलजी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बृहस्पतिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पूूर्वी दिल्ली जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे।  
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वहां प्रमाणपत्र बनवाने के लिए लाइन में खड़े लोगों से बातचीत की। जिसके बाद योजना को रिजेक्ट करने पर एलजी पर भ्रष्ट सिस्टम को बचाने का आरोप लगाया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यहां लोग एक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चार-पांच दिनों से कार्यालयों का चक्कर लगा रहे है।
  बुजुर्ग यहां कतारों में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। बगैर दलालों व पैसा दिए यहां काम नहीं होता। इसी भ्रष्ट सिस्टम को खत्म करने के लिए डोर स्टेप डिलीवरी योजना लेकर आ रहे थे। जिसे प्रमाण पत्र बनवाना था वह कॉल सेंटर में कॉल करता।
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manish sisodia
सरकार का कर्मचारी उसके घर जाता। उसकी बायोमैट्रिक पहचान, आंखों की पुतली भी स्कैन करता। दस्तावेज जमा करता। फिर जांच के बाद आवेदक को प्रमाण पत्र घर पहुंचाता। मगर एलजी साहब का कहना है कि इससे प्रदूषण बढ़ जाएगा।
  उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इससे प्रदूषण नहीं बढ़ेगा इससे भ्रष्ट सिस्टम खत्म हो जाएगा। मैंने बात की पता चला कि लोग चार पांच दिन से यहां काम कराने आ रहे है। मगर एलजी साहब को लाइन में खड़े लोगों और सरकारी कार्यालयों के बाहर बैठे बिचौलिये नहीं दिखते है।
  एलजी साहब से आग्रह करता हूं की एक दिन वह बिना बताएं किसी सरकारी कार्यालय जाकर वहां के हालात देखें। बीजेपी के सवाल उठाने पर सिसोदिया ने कहा कि वह आम लोगों को बरगलाना बंद करें। उन्हें लोगों की नहीं कंपनियों की चिंता है। क्या बिचौलिये बीजेपी के कार्यकर्ता है।
  फिर वह क्यों भ्रष्टाचार खत्म करने वाली योजना का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब पिज्जा, क्रेडिट कार्ड की होम डिलीवरी हो सकती है तो प्रमाण पत्र क्यों नहीं हो सकता है। एलजी साहब क्यों बिचौलिया रहित सिस्टम को खत्म नहीं करना चाहते है।
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