मंगू सिंह दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) के प्रबंध निदेशक बने रहेंगे। 31 दिसंबर को मेट्रो चीफ (प्रबंध निदेशक) का कार्यकाल खत्म हो रहा है। डीएमआरसी बोर्ड ने उनके विस्तार को हरी झंडी दिखा दी है।
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- फोटो : सोशल मीडिया
बोर्ड की ओर से उनके कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिल्ली सरकार को भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार दिल्ली सरकार को उनके कार्यकाल विस्तार को लेकर कोई आपत्ति नहीं है। जल्द ही उनके विस्तार पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
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सूत्रों के अनुसार डीएमआरसी बोर्ड ने बीते नवंबर में ही उनके कार्यकाल बढ़ाने को लेकर अपनी मंजूरी दे दी थी। यह प्रस्ताव भी सरकार को भेज दिया गया था। अब दिल्ली सरकार ने कानूनी राय भी ले ली है, जिस पर कोई आपत्ति नहीं है।
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मेट्रो चीफ के पद पर 65 साल की उम्र तक विस्तार दिया जा सकता है। मगर मंगू सिंह की उम्र सिर्फ 61 साल है। उन्हें चार साल का विस्तार दिया जा सकता है। अगर पूरा विस्तार मिलता है तो मेट्रो फेज चार का निर्माण भी उनके नेतृत्व में पूरा होगा।
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उनके विस्तार की प्रबलता इसलिए भी है, क्योंकि वह दिल्ली मेट्रो के साथ पहले चरण से ही जुड़े हुए हैं। मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन का निर्माण उनके नेतृत्व में हुआ है। फेज तीन का काम उनके नेतृत्व में शुरू हुआ है जो अभी तक पूरी तरह से ऑपरेशनल नहीं हो पाया है।
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फेज तीन की महज 23 किलोमीटर लाइन ही ऑपरेशनल है। उसमें अधिकतम हिस्सा अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन का है। ऐसे में मेट्रो को भी उनकी जरूरत है। मालूम हो कि मंगू सिंह ने 15 दिसंबर 2011 में ई-श्रीधरन के बाद मेट्रो चीफ का कार्यभार संभाला था। उस समय वह 56 साल के थे और पांच साल के लिए उन्हें प्रबंध निदेशक बनाया गया था।
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कौन हैं मेट्रो चीफ मंगू सिंह
मंगू सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नजीबाबाद गांव में 15 दिसंबर 1955 को हुआ था। वहीं से स्कूली शिक्षा लेने के बाद वे आईआईटी रूड़की से सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट हुए।
1989 से 1996 तक वह कोलकाता मेट्रो के साथ बतौर डिप्टी चीफ इंजीनियर के पद पर काम किया। नवंबर 1997 में दिल्ली मेट्रो में बतौर चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर ज्वाइन किया। वह दिल्ली मेट्रो के पहले चरण से जुड़े हुए हैं। मेट्रो के भूमिगत लाइनों का निर्माण उनके नेतृत्व में ही किया गया है। बाद में दिल्ली मेट्रो में उन्हें प्रमोशन करके कार्यकारी निदेशक पद पर तैनात किया गया। फिर 15 दिसंबर 2011 को ई. श्रीधरन के बाद उन्हें मेट्रो चीफ के पद पर तैनात किया गया।