अब तक का सबसे बड़ा नुकसान
मैंगो ग्रोवर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंसराम अली ने बताया कि यह अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है। आंधी में जितना आम गिरा वह जब तैयार होकर मंडी पहुंचता तो कम से कम उसकी कीमत 100 करोड़ रुपये होती।
सही आकलन दो दिन बाद
राजकीय संतत उद्यान के निदेशक राजीव कुमार वर्मा ने कहा कि आम फल पट्टी क्षेत्र में आंधी से बहुत नुकसान हुआ है। इसका डोर-टू-डोर जाकर आकलन किया जा रहा है। नुकसान 100 करोड़ से अधिक या उससे कम भी हो सकता है, लेकिन सही आकलन दो दिन बाद ही सामने आ सकेगा।
इस तरह मौसम ने बरपाया कहर
आम उत्पादक संजय सिंह व परवेज खान कहते हैं कि जनवरी-फरवरी में ठंड के चलते बौर कम निकला। फसल लेट हुई। इसके बाद मार्च के दूसरे सप्ताह में बारिश और ओलावृष्टि ने कहर बरपाया। यह वह समय था जब आम सेट हो रहा था।
इसके बाद अप्रैल के दूसरे सप्ताह में चली पछुआ हवा ने नुकसान पहुंचाया। बौर में सेट हो चुके आम को हवा ने सुखाकर गिरा दिया। अभी कुछ संभलता तबतक पांच मई को आई आंधी और ओलावृष्टि ने उम्मीदों पर कुठाराघात किया। 10 मई की आंधी ने तो कई बाग ही साफ कर दिए।