सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस ने मैजिक पैन से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर एक जालसाज को गिरफ्तार किया है। 150 से ज्यादा कैमरे खंगाल कर आरोपी को दबोचा गया है। इसके दो साथी फरार है।
ये लोन दिलाने के नाम पर लोगों के साथ ठगी करते थे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अभी तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई आई-20 कार, चार मोबाइल बैटरी, मैजिक पैन, दो मोबाइल,17 हजार रुपये व सात सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
दक्षिण-पूर्व जिल के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त कुमार ज्ञानेश के अनुसार जीवन नगर, आश्रम निवासी संजीव कुमार गौतम ने सनलाइट कॉलोनी थानाध्यक्ष हनुमंत सिंह को दस जून को शिकायत दी थी कि उसके पास आईसीआईसीआई बैंक से आशीष का फोन आया और लोन देने की बात कही।
संजीव ने लोन लेने की हां कर दी तो, आशीष ने अभिषेक नामक युवक को संजीव कुमार की ओखला स्थित फैक्टरी में केवाईसी कागजातों व चैक के लिए भेजा। संजीव ने अभिषेक ने एसबीआई ओर कैनरा बैंक के छह चैक लिए। शिकायकर्ता का 11 जून को मोबाइल बंद हो गया।
उसने कस्टूमर केयर में फोन कर पता किया तो पता लगा कि किसी ने सिम खोने की बात कहकर उसका मोबाइल बंद कर दिया है। संजीव को संदेह हुआ और उसने बैंक में पता किया तो जो चैक उसने लोन के लिए दिए थे उनसे उसके खाते से सात लाख रुपये निकाल लिए गए है।
मामला दर्जकर एसीपी लाजपत नगर अतुल कुमार वर्मा की देखरेख में सनलाइट कॉलोनी थानाध्यक्ष हनुमंत सिंह, एसआई ब्रह्मदत्त व एएसआई प्रवीण कुमार की टीम ने जांच शुरू की। इस टीम ने करीब 150 कैमरों की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला।
एक जगह आरोपी की कार का नंबर सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया था। आखिरकार पुलिस टीम ने रेजीडेंसी सोसाइटी राजनगर, गाजियाबाद यूपी से आरोपी देवेन्द (27)को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह नीरज व कमल शर्मा के साथ ठगी करता था।
ऐसे करते थे ठगी
आरोपी पीड़ित को सस्ता लोन दिलाने की बात कहते थे। जब पीड़ित हां करता था तो ये उसके पास कागजात व चैक लेने जाते थे। ये पीड़ित से चैक अपने मैजिक पैन से भरवाते थे। इसके बाद ये चैक से लिखावट को मिटा देते थे और अपनी रकम भरकर पीड़ित के बैंक से कैश करा लेते थे।
ये कस्टूमर केयर में फोनकर पीड़ित के मोबाइल को सिम आदि खोने की बात कहकर बंद करवा देते थे, ताकि पीड़ित को मोबाइल पर आने वाले मैसेज से पता नहीं लग जाए।