खुले नाले या गड्ढे किस तरह लोगों की जान का सबब बन रहे हैं इसका बड़ा उदाहरण दिल्ली की एक घटना है जिसने एक शख्स की जान ले ली।
गौरतलब है कि 25 जुलाई को दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र में एक खुले नाले में 29 वर्षीय युवक फिसल गया। नाले में गिरने से उसे कई चोटें आ गई थीं जिनकी वजह से चार दिन बाद उसकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान अर्जुन के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार 25 जुलाई को अर्जुन अपने घर लौट रहा था तब अंधेरा होने और पानी भरने की वजह से उसे गड्ढे का आभास नहीं हुआ और उसका पैर फिसला और गड्ढे में जा गिरा।
तब वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने उसे बाहर खींचा और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई।
अर्जुन पांच साल पहले यूपी से दिल्ली आया था। वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ जेजे कालोनी में किराए पर रहता था। वह खाने पीने की चीजों की एक रेहड़ी लगाकर गुजारा कर रहा था।
अर्जुन के पड़ोसी राजेश का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब कोई इस गड्ढे में गिरा है। जब भी यहां सफाई अभियान चलता है तो हम इंजीनियरों को स्लैब ठीक करने को कहते हैं। लेकिन वो सिर्फ नाले की गंदगी निकालते हैं और चले जाते हैं। राजेश ने ये भी बताया कि यहां कोई स्ट्रीट लाइट भी नहीं है जिससे अंधेरे में कुछ भी दिखाई नहीं देता।
अर्जुन के परिवार ने मायापुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। अर्जुन के शव को सोमवार को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।