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दिल्ली: मामा की मौत का बदला लेने के लिए मौसा के भाई की ली जान

Thu, 25 Jul 2019 06:24 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मौसा के भाई को मार डाला - फोटो : Social media (File Photo)
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न्यू उस्मानपुर इलाके में 2011 में मामा की पानी में डूबने से हुई मौत का बदला लेने के लिए एक युवक ने दोस्त के साथ मिलकर मौसा के भाई की हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी अजमेर फरार हो गया लेकिन पुलिस ने तीन दिन के भीतर हत्या की गुत्थी को सुलझाने का दावा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान करण (22) और विपिन मेहरा (23) के रूप में हुई है। विपिन मृतक इमरान के बड़े भाई की साली का बेटा है। शास्त्री पार्क थाना पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

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उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि रविवार को शास्त्री पार्क, तीसरा पुश्ता के जंगल से एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। अगले दिन युवक की पहचान निशांत कालोनी, लोनी, गाजियाबाद निवासी इमरान के रूप में हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

जांच के दौरान एक ऑटो चालक ने पुलिस के मुखबिर को बताया कि रविवार सुबह वह दो युवकों को तीसरे पुश्ते से कश्मीरी गेट बस अड्डा छोड़कर आया था। दोनों में से एक आरोपी करण को वह जानता था। करण के कपड़ों पर खून लगा हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने ऑटो चालक को बताया था कि उन्होंने एक युवक का खून कर दिया है। फौरन पुलिस की टीम ने करण की तलाश शुरू की। बुधवार को पुलिस करण व विपिन नामक आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस की पूछताछ में आरोपी विपिन ने बताया कि इमरान उसकी मौसी का देवर था। 2011 में विपिन के मामा जॉनी की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। उसमें इमरान और उसके दो दोस्त अर्जुन व नईम का नाम आया था। पुलिस ने विपिन की मां रानी की शिकायत पर तीनों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर इमरान को गिरफ्तार कर लिया। लेकिन 2013 में इमरान इस मामले से बरी हो गया।

जॉनी की मौत का बदला लेने के लिए विपिन ने अपने दोस्त करण के साथ मिलकर शास्त्री पार्क के जंगल में इमरान की हत्या कर दी। हत्या से पूर्व इमरान को शराब पिलाई गई। इसके बाद पत्थरों से कुचलकर उसकी हत्या कर दी गई। बाद में दोनों फरार हो गए।

फिंगर प्रिंट से हुई थी मृतक इमरान की पहचान...

शास्त्री पार्क तीसरा पुश्ता पर इमरान की लाश मिलने के बाद उसकी पहचान नही हो पाई। पुलिस ने लाश के फिंगर प्रिंट लेने के बाद उसके अपने डाटा बेस से मैच कराया तो वह मैच हो गए। फिंगर प्रिंट 2011 में इमरान की गिरफ्तारी के समय लिए गए थे, जिसका डाटा पुलिस के रिकॉर्ड में था। इमरान की लाश की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके परिवार को सूचना दी। परिजनों ने इमरान की लाश की पहचान की। जिसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया।

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