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दिल्ली: महज 10 हजार की खातिर दोस्त की निर्ममता से हत्या, आरोपी गिरफ्तार

Mon, 15 Jul 2019 06:26 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
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दोस्त की हत्या - फोटो : Social Media
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साकेत थाना इलाके के लाडो सराय में रहने वाले एक युवक की 10 हजार रुपये के लिए उसके दोस्त ने ही अपने साथी संग मिलकर बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले युवक का सिर पत्थरों से कुचला और फिर अगले दिन पेट्रोल डालकर जला दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर मानेसर से युवक का अधजला शव बरामद कर लिया गया।

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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, लाडो सराय निवासी शंभू कुमार ने 1 जुलाई को साकेत थाने में शिकायत दी थी कि उसका बेटा नीरज उर्फ सूरज (21) 27 जून को घर से निकला था और इसके बाद घर नहीं आया। परिजनों ने बताया कि वह पहले भी घर से कई-कई दिन बाहर रहता था, लेकिन फोन पर जानकारी देता रहता था। इस बार उसका मोबाइल बंद हो गया।

10 जुलाई को अपहरण का मामला दर्ज कर साकेत थानाध्यक्ष केशव माथुर की देखरेख में एटीओ इंस्पेक्टर उपेन्द्र सिंह, एसआई रणवीर सिंह, एसआई जितेन्द्र मलिक व एएसआई मुकेश की टीम ने तफ्तीश शुरू की। इंस्पेक्टर उपेन्द्र सिंह ने 13 जुलाई को नीरज के दोस्त अमित (19) से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। अमित ने बताया कि वह पहले लाडो सराय में रहता था, जहां उसकी नीरज से दोस्ती हुई। दोनों एक ही रेस्टोरेंट में काम करते थे। वहां दोनों ने रुपयों की गड़बड़ी की थी। इस रुपये से दोनों शराब पीते थे। घपले का पर्दाफाश होने पर अमित को नौकरी से निकाल दिया गया था। 
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अमित को लगता था कि नीरज के कहने से उसे नौकरी से निकाला गया है। अमित ने नीरज को करीब एक लाख रुपये फायदा पहुंचाया था। इसके बाद अमित नीमराणा, राजस्थान स्थित अपने गांव चला गया था। अमित ने लाडो सराय में किसी से 10 हजार रुपये ले रखे थे। वह व्यक्ति अमित के  माता-पिता को पैसे देने के लिए फोन करते थे। अमित को लगता था कि नीरज ही फोन कराकर उसकी बेइज्जती करा रहा है। इस पर उसने नीरज की हत्या करने की ठान ली। साजिश में अमित ने दक्षिणपुरी निवासी इशांत मेहरा (18) को शामिल किया। 

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

अमित व इशांत ने खानपुर में किराए पर कमरा किया। 26 जून को वहां नीरज को शराब पिलाने के लिए बुलाया। तीनों ने शराब पी। वहां रात को नीरज ने हंगामा कर दिया तो पड़ोसी एकत्रित हो गए। आरोपियों ने नीरज को 27 जुलाई की दोपहर बुला लिया और स्कूटी लाने को कहा। पहले ये गोविंदपुरी गए और वहां से शराब खरीदकर सूरजकुंड गए। यहां पर शराब पी। यहां से गुरुग्राम चले गए। गुरुग्राम में फिर शराब खरीदी और मानेसर की पहाड़ियों पर चले गए।

देर रात तक ये शराब पीते रहे। नीरज को जब ज्यादा नशा हो गया तो दोनों ने पत्थरों से उसका सिर कुचल दिया और वहां से आ गए। आरोपी अगले दिन घटनास्थल पर फिर गए और पेट्रोल डालकर नीरज को जला दिया। इन लोगों ने नीरज की स्कूटी को मुनिरका में लावारिस छोड़ दिया था। नीरज के मोबाइल को तोड़कर फेंक दिया था। पुलिस ने अमित की निशानदेही पर इशांत को गिरफ्तार कर लिया।

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