ग्रेटर नोएडा थाना क्षेत्र के साइट-5 स्थित एसआरएस मेडिटेक कंपनी में 28 अक्टूबर को लगी आग के बाद से कंपनी में काम करने वाले बरेली निवासी कर्मचारी नूर हसन का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। नूर के परिजनों ने इस मामले में कंपनी मालिक और उसके मौसेरे भाई पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजन आज तक बेटे की बरामदगी को भटक रहे हैं।
नूर हसन के परिजनों का आरोप है कि करोड़ों की धोखाधड़ी के लिए कंपनी में जानबूझकर आग लगाई गई थी और साजिश के तहत दो युवकों को फैक्ट्री में भेजा गया। परिजनों का दावा है कि इनमें से एक युवक की मौत की पुष्टि हो चुकी है। शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे बरेली के सेंथल निवासी अब्बास हसन ने बताया कि वह और उनका बड़ा भाई नूर हसन एसआरएस (इंजेक्शन बनाने वाली) कंपनी में काम करते थे। कंपनी के मालिक एसएम अस्करी बरेली में उनके पड़ोसी हैं। अस्करी ही उन्हें कंपनी में काम करने के लिए ग्रेटर नोएडा लेकर आए थे।
अब्बास का आरोप है कि एसएम अस्करी और उनके मौसेरे भाई कामिल ने मोटी रकम हड़पने के लिए कंपनी में आग लगाई थी। परिजनों के मुताबिक इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने दो लोगों को झुलसी हालत में भागते हुए देखा था। पुलिस ऑफिस पहुंचे परिजनों ने कहा कि वह थाने से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय का चक्कर लगा चुके हैं लेकिन आज तक उनके भाई कुछ पता नहीं चला।