पुलिस के मुताबिक, सविता अपने परिवार के साथ एस-ब्लॉक मंगोलपुरी में रहती थी। करीब 18 साल पहले सविता की झांसी निवासी विनोद से शादी हुई थी।
इनके यहां तीन बच्चे है। सविता एक मॉल में सेल्सगर्ल की नौकरी करती थी। वहीं विनोद छोटा-मोटा काम करता था।
पिछले कुछ दिनों से वह बेरोजगार भी था। सविता की द्रोपदी ने बताया कि पिछले कई सालों से सविता व विनोद के बीच अनबन चल रही थी। कई बार हाथापाई के बाद बात बढ़कर पुलिस तक पहुंची।
पुलिस ने कई बार विनोद को चेतावनी देकर छोड़ा था। मार्च में हुए झगड़े के बाद भी विनोद ने सविता को बुरी तरह पीटा था, जिसके बाद विनोद 10 दिन जेल में भी रहकर आया था।
झगड़े के कारण पिछले कुछ माह से विनोद अपनी मां विमला के साथ पहली मंजिल पर रह रहा था। वहीं सविता ग्राउंड फ्लोर पर बच्चों के साथ रह रही थी।
आरोप है कि सोमवार सुबह करीब 8.00 बजे विनोद ने सविता के साथ झगड़ा शुरू कर दिए। इसी दौरान उसने पत्नी के सिर पर हथौड़े से हमला कर दिया। बच्चे अपनी मां को बचाने दौड़े, लेकिन आरोपी बेरहमी से सविता को पीटता रहा।
इधर सविता ने अपनी जान बचाने की भी बहुत कोशिश की। घर के हर कौने में वह भागी, लेकिन आरोपी ने दौड़ा-दौड़ाकर उस पर हमला किया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी अस्पताल भेज दिया है। तीनों ही मासूमों का रोते-रोते बुरा हाल है। इधर पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।