दिल्ली के बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन के पास से युवती को अगवा कर कार में ले जाने और मारपीट कर दुष्कर्म करने के आरोपी विपुल चोपड़ा के पिता ने बेटे को निर्दोष बताते हुए पीड़िता और उसके परिवार वालों पर सवाल खड़े किए हैं।
मीडिया के सामने उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों के साथ विपुल की तस्वीर दिखाई। पिता कुलदीप चोपड़ा उर्फ बब्बू ने बताया कि बेटे विपुल और पीड़िता एक दूसरे को चाहते थे और दोनों के बीच विवाह होना भी तय था।
बताया कि 21 अगस्त को उन्होंने बेटे के मोबाइल पर पीड़िता की कुछ आपत्तिजनक तस्वीर देखीं। इससे आहत होकर उन्होंने पीड़िता के पिता से यह रिश्ता समाप्त करने को कह दिया था।
ऐसे रची गई आरोपी के खिलाफ साजिश
युवक के पिता का आरोप है कि रिश्ता टूटने के बाद से ही पीड़िता और उसके परिवार वालों ने बेटे को फंसाने की साजिश रची। दावा किया कि 25 अगस्त को पीड़िता ने अपनी सहेली से फोन और मैसेज करवाकर विपुल को बदरपुर बॉर्डर स्टेशन बुलवाया।
उन्होंने कहा कि मेट्रो स्टेशन के आसपास का रास्ता ऐसा नहीं है कि किसी को दिनदहाड़े अगवा कर भागा जा सके। उन्होंने बताया कि बेटा विपुल पीड़िता को उसके घर छोड़ने जा रहा था, बाईपास रोड पर खेड़ी पुल के पास पीड़िता और उसकी सहेली ने साजिश के तहत शोर मचाना शुरू कर दिया।
बेटे ने कार रोकी तो सहेली उतर कर भाग गई। लोगों को आता देख डरकर बेटे ने कार बढ़ा दी। उनका दावा है कि एनआईटी पांच में पहले वह पहुंचे और उन्होंने ही पीड़िता को विपुल से अलग कराने के बाद निजी अस्पताल पहुंचाया।
विपुल के पिता के पास हैं उसके बेगुनाही के सबूत
पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि विपुल उन्हें पिछले दो साल से परेशान कर रहा था। इसके जवाब में उन्होंने करीब डेढ़ सौ फोटो दिखाए जिसमें विपुल, पीड़िता और उसके परिवार वाले हंसी खुशी साथ-साथ दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पीड़िता के फोन की कॉल डिटेल से भी सब कुछ साफ है कि दोनों में लगातार बातें होती रहती थीं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास कुछ ऐसे वीडियो क्लिप्स और फोटो हैं जिनसे बेटे की बेगुनाही साबित हो जाएगी।
यह सुबूत वह कोर्ट के सामने ही पेश करेंगे। इस संबंध में सराय ख्वाजा थाना इंचार्ज ने बताया कि मामले की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में जेल में है। केस भी दिल्ली की अदालत में ही चलेगा।