नई दिल्ली।
साकेत कोर्ट ने अलग रह रही पत्नी पर तेजाब फेंकने की कोशिश करने और उसे चेहरा बिगाड़ने की धमकी देने के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन ने आरोपी के खिलाफ मजबूत और पूरी तरह से साबित मामला पेश किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह जग्गी ने सनोज यादव को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 326बी और 506 के तहत दोषी माना। ये धाराएं तेजाब फेंकने की कोशिश और धमकी देने से जुड़ी हैं।
अदालत के अनुसार, सनोज यादव और उसकी पत्नी विनिता जून 2020 से अलग रह रहे थे। दोनों के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। आरोप है कि यादव पत्नी को बार-बार फोन कर तेजाब फेंकने और उसका चेहरा बिगाड़ने की धमकी देता था। घटना से दो दिन पहले विनिता ने संगम विहार थाने में इसकी शिकायत भी की थी। अभियोजन के मुताबिक, 4 अगस्त 2022 को यादव विनिता के मायके के बाहर पहुंचा। उसके हाथ में एक बोतल थी, जिसमें पीले रंग का तरल पदार्थ था। विनिता के गेट खोलते ही उसने बोतल से तरल पदार्थ फेंकने की कोशिश की। विनिता ने तुरंत गेट बंद कर दिया। इससे तरल पदार्थ सड़क पर गिर गया और वह तेजाब की चपेट में आने से बच गई। पुलिस ने यादव के पास से बोतल बरामद की। जांच में पता चला कि उसमें सल्फ्यूरिक एसिड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड था।