शोर-शराबा हुआ तो आरोपी मौके से फरार हो गए। काफी देर पीयूष सड़क पर खून से लथपथ पड़ा हुआ तड़पता रहा। राहगीरों ने भी उसकी कोई मदद नहीं की। करीब 15 मिनट बाद एक ई-रिक्शा में डालकर पीयूष को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। थाने के पास हुई वारदात की जानकारी मिलते ही पीयूष के परिजन थाने के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे।
उनका कहना था कि पुलिस थाने के पास ही वारदात हुई और किसी भी पुलिसकर्मी ने पीयूष की मदद करने की कोशिश नहीं की। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। परिजनों ने बुधवार को दिन में भी थाने के बाहर प्रदर्शन किया।
परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। वहीं मामले पर जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि वारदात बापू पार्क में हुई। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो नाबालिग समेत चार आरोपियों को दबोच लिया। जबकि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुराने झगड़े की वजह से वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर हत्या की असली वजहों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।