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दिल्ली: लंदन में महिला से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी दबोचा, यूके भेजने के निर्देश 

Mon, 30 Sep 2019 05:43 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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‘गरीब होने के कारण मुझे सिर्फ इसलिए बलि का बकरा बनाया जा रहा है, ताकि सरकार विजय माल्या को वापस भारत ला सके...।’ एक 34 वर्षीय भगोड़े आरोपी ने अपने वकील के जरिए पटियाला हाउस कोर्ट में यह बात कही है। उस पर 2009 में ईस्ट लंदन में एक महिला से दुष्कर्म व उसकी हत्या करने का आरोप है।

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लंदन से गिरफ्तारी वारंट जारी होने पर अदालत ने शख्स को ब्रिटेन प्रत्यर्पित करने का निर्देश दिया था। आरोपी को 2011 में आईजीआईआई एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह थाईलैंड जाने की कोशिश कर रहा था।

पटियाला हाउस कोर्ट के समक्ष आरोपी अमन व्यास के वकील अमृत सिंह ने दलीलें पेश करते हुए कहा कि उसका मुवक्किल मेरठ के एक रिटायर स्कूल अध्यापक का बेटा है और छात्र वीजा पर लंदन गया था। मीडिया में उसे एक अमीर शख्स बताया गया जो पूरी तरह गलत है। 
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लंदन की जिस अदालत ने पांच मई 2011 को उसकी गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था वह उसके क्षेत्राधिकार में नहीं था। उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है जिससे आधार पर दुष्कर्म व हत्या में लिप्त माना जाए। उसे केवल इसलिए बलि का बकरा बनाया जा रहा है ताकि भारत सरकार विजय माल्या को भारत वापस ला सके।

मृतका की बहन ने भी ब्रिटेन की पूर्व प्रधानमंत्री थेरेसा से आग्रह किया था कि वह इस मुद्दे को पीएम मोदी के अप्रैल 2018 के दौरे में उठाए, ताकि इस पर शीघ्र फैसला हो सके। अदालत के समक्ष वकील ने बताया कि लंदन पुलिस ने उसे 16 जुलाई 2010 को न्यूजीलैंड जाने के लिए पर्यटक वीजा के लिए एनओसी भी दी थी।

इसमें कहा गया था कि उसके खिलाफ कोई केस नहीं है। लंदन पुलिस का कहना था कि महिला सहित कुछ अन्य मामलों को एक ही शख्स ने अंजाम दिया था, लेकिन आरोपी कौन है इस पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की राय अलग-अलग थी।

इन सभी बातों की भारत सरकार को जानकारी थी लेकिन इसके बाद भी अपने नागरिक के बचाव में सरकार ने कोई मदद नहीं की। अदालत ने दिसंबर 2018 में अमन को यूके भेजने का आदेश दिया था। उसे अक्तूबर के पहले सप्ताह में यूके भेजा जाना है। इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात अमृत सिंह ने कही है।

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