दिल्ली की तत्कालीन आप सरकार पर निशाना साधा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राज्यसभा में दिल्ली से सांसद स्वाति मालीवाल ने पशुओं के प्रति बढ़ती क्रूरता, अवैध डेयरी माफिया और आवारा कुत्तों से जुड़ी जन-स्वास्थ्य समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय और कुत्ते करुणा व धर्म के प्रतीक माने जाते हैं, लेकिन आज इन्हीं बेजुबान पशुओं के साथ सबसे ज्यादा अत्याचार हो रहा है।
मालीवाल ने अवैध डेयरी माफिया की ओर से गायों का शोषण करने और दूध निकालने के बाद उन्हें सड़कों पर छोड़ने पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि इससे पशु गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं और सड़क हादसों में भी बढ़ोतरी हो रही है। रैबीज और डॉग-बाइट से हो रही मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह रोकी जा सकने वाली त्रासदी है, फिर भी व्यवस्था की विफलता के कारण लोग अपने प्रियजनों को खो रहे हैं। उन्होंने आप की दिल्ली सरकार के समय के आंकड़ों पर सवाल उठाया, जिसमें 2014 से 2024 के बीच सात लाख कुत्तों के स्टेरलाइजेशन की बात कही गई है। मालीवाल ने इन आंकड़ों के ऑडिट, स्टेरिलाइज्ड और वैक्सीनेटेड कुत्तों की जियो-टैगिंग की मांग की। उन्होंने कहा कि समस्या सिस्टम की है, लेकिन समाधान के नाम पर सभी लावारिश कुत्तों को हटाने जैसे अव्यवहारिक सुझाव दिए जा रहे हैं, जबकि पशु शेल्टर बेहद कम और बदहाल हैं।