भूकंप की वजह से हुआ हादसा: स्थानीय लोगों का दावा
स्थानीय निवासियों ने इमारत ढहने के पीछे एक संभावित कारण बताया है। उनका कहना है कि मंगलवार रात उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं। दिल्ली समेत एनसीआर में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। हालांकि, अधिकारियों ने इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने कहा कि इमारत गिरने का वास्तविक कारण विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
हादसे के बाद मौके पर बड़े अधिकारी पहुंचे
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। दिल्ली पुलिस, नगर निगम के अधिकारी और नागरिक सुरक्षा कर्मी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत तलाश एवं बचाव अभियान शुरू किया।
शाहदरा के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को बचाकर अस्पताल भेजा गया है। अभी भी दो-तीन लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। यह 225 वर्ग फुट क्षेत्र में बनी चार मंजिला इमारत थी। बचाव अभियान लगातार जारी है।
मलबे में फंसे लोगों का रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन सेवा ने त्वरित कार्रवाई की। दमकल की कई गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गईं। दिल्ली पुलिस के साथ नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे। नागरिक सुरक्षा कर्मियों ने भी बचाव कार्यों में सहयोग किया। सभी एजेंसियां मिलकर मलबे में फंसे लोगों को निकालने का प्रयास कर रही हैं।
शाहदरा डीसीपी बोले- सात लोग बचाए गए
शाहदरा के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि 3:40 बजे एक चार मंजिला इमारत ढहने की सूचना मिली। 25 वर्ग गज की इस इमारत से अभी तक सात लोगों को बचाया जा चुका है, जिनकी हालत खतरे से बाहर है। बचाव अभियान जारी है। मौके पर एम्बुलेंस, दिल्ली फायर सर्विस, एमसीडी अधिकारी और जिलाधिकारी सहित सभी एजेंसियां मौजूद हैं।