दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में यूटीपेक (ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सेंटर) की 70वीं गवर्निंग बॉडी बैठक बुधवार को हुई, जिसमें राजधानी की सड़क अवसंरचना और मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स की समीक्षा के बाद महत्वपूर्ण मंजूरी दी गई।
इन परियोजनाओं का मकसद दिल्ली के व्यस्त कॉरिडोरों को जाममुक्त बनाना, पारगमन को निर्बाध करना और पैदल यात्रियों के साथ लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। एलजी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईज ऑफ लिविंग और गति शक्ति विजन के अनुरूप सभी एजेंसियों के समन्वय से दिल्ली को कुशल और रहने योग्य विकसित दिल्ली बनाया जाएगा।
बैठक में एलजी संधू ने प्रमुख सड़क अवसंरचना परियोजनाओं और मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। मंजूरी दिए गए प्रोजेक्ट्स का फोकस सीमलेस ट्रांजिट इंटीग्रेशन, पैदल कनेक्टिविटी और लास्ट माइल एक्सेस पर है। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में सड़क जाम आम समस्या है। इन परियोजनाओं से न सिर्फ वाहनों की आवाजाही सुचारू होगी, बल्कि मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के बीच बेहतर तालमेल भी बनेगा। इससे आम नागरिकों को यात्रा में लगने वाला समय बचेगा और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को विशेष महत्व
कई जगहों पर फुटपाथ, क्रॉसिंग और पैदल मार्गों को बेहतर बनाने की योजनाएं शामिल हैं। लास्ट माइल कनेक्टिविटी के तहत मेट्रो स्टेशनों और बस स्टॉप्स से घर या कार्यालय तक पहुंचने के विकल्पों को मजबूत किया जाएगा। इससे साइकिल, ई-रिक्शा और पैदल मार्गों का विस्तार होगा, जो शहर को पर्यावरण अनुकूल बनाएगा।
सभी एजेंसियों को मिलकर काम करने के निर्देश
एलजी ने फिर से यहां जोर देकर कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों डीडीए, पीडब्ल्यूडी, एमसीडी, मेट्रो और ट्रैफिक पुलिस के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। बिना समन्वय के परियोजनाएं अधूरी रह जाती हैं। बैठक में इस समन्वय को मजबूत करने पर सहमति बनी। गति शक्ति मिशन के तहत मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक मॉडल शहर बन सके। एलजी ने कहा, ये प्रयास सिर्फ सड़कें बनाने तक सीमित नहीं हैं। उद्देश्य है कि दिल्लीवासी आसानी से, सुरक्षित और कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंच सकें। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों प्रभावित होंगे। विकसित दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब ट्रैफिक जाम कम हो, पैदल यात्री सुरक्षित महसूस करें और सार्वजनिक परिवहन हर किसी की पहुंच में हो।
बड़े बदलाव आम लोगों को राहत देंगे
एलजी ने कहा है कि आने वाले महीनों में इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन शुरू हो जाएगा, जिससे दिल्ली की सड़कें और परिवहन व्यवस्था में नजर आने वाले बदलाव आम लोगों को राहत देंगे।