नूंह।
एक समय साइबर अपराध के लिए देशभर में चर्चा का केंद्र रहे नूंह जिले में अब हालात तेजी से बदल रहे हैं। नूंह पुलिस की साइबर क्राइम टास्क फोर्स ने तकनीक आधारित निगरानी और लगातार अभियान चलाकर साइबर अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार मार्च 2026 की तुलना में जून 2026 (27 जून तक) सक्रिय प्रतिविम्ब अलर्ट में 52.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। पुलिस इसे साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि मान रही है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशि शेखर के निकट पर्यवेक्षण में गठित साइबर क्राइम टास्क फोर्स ने प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक अलर्ट की लगातार निगरानी, त्वरित सत्यापन, प्रभावी फील्ड कार्रवाई, खुफिया सूचनाओं के आधार पर अभियान और सतत फॉलो-अप के जरिए यह सफलता हासिल की है। पुलिस का कहना है कि प्रत्येक कार्रवाई योग्य इनपुट पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, जिससे साइबर अपराधियों के नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिली है।
आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में सक्रिय प्रतिविम्ब अलर्ट में पिछले माह की तुलना में 21.6 प्रतिशत, मई में 24.8 प्रतिशत और जून (27 जून तक) में 20.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। मार्च से जून तक कुल मिलाकर सक्रिय अलर्ट में 52.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल से जून 2026 की अवधि की तुलना जनवरी से मार्च 2026 से करने पर दर्ज एफआईआर में 82.69 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं गिरफ्तार आरोपियों की संख्या में 56.41 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके अलावा पुलिस ने 137.8 प्रतिशत अधिक सिम कार्ड तथा 139.68 प्रतिशत अधिक मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया जा रहा था।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने कहा कि साइबर पुलिसिंग अब केवल अपराध होने के बाद की प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खुफिया सूचना आधारित और तकनीक-सक्षम व्यवस्था बन चुकी है। उन्होंने कहा कि साइबर क्राइम टास्क फोर्स ने यह साबित किया है कि निरंतर निगरानी, त्वरित हस्तक्षेप और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से साइबर अपराध नेटवर्क को प्रभावी ढंग से ध्वस्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नूंह पुलिस तकनीक आधारित पुलिसिंग, खुफिया सूचना पर आधारित अभियानों और कठोर कानूनी कार्रवाई के माध्यम से जिले को साइबर अपराध मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उनका कहना है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक नूंह की पहचान साइबर अपराध के हॉटस्पॉट के रूप में पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।