जाट आंदोलन के कारण साइबर सिटी में शुरू हुआ पानी का संकट अब भी बरकरार है। हालात ये हैं कि पानी के लिए लोग सुबह-सुबह उठकर बूस्टिंग स्टेशन पर पहुंच रहे हैं।
पानी न मिलने की स्थिति में लोगों को बोतलबंद पानी से गुजारा करना पड़ रहा है। वहीं, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण(हुडा) ने नहरी पानी में 60 फीसदी कटौती की पुष्टि की है।
जिससे आगामी 3-4 दिनों तक ऐसी ही समस्या बने रहने की संभावना है। विभाग की ओर से जारी हेल्प लाइन नंबर 0124-4053924 पर लोग अपनी पानी से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
शहर के डीएलएफ, सेक्टर-4,5,14,15,17,22, 23, 31,40, भीम नगर, राजेंद्र पार्क, शिवाजी नगर, सूरत नगर, 4/8 मरला, लक्ष्मी गार्डन, बसई, पालम विहार, मियांवाली कालोनी, सुशांत लोक, वजीराबाद, अशोक विहार में पानी की समस्या है। पानी की कमी को लेकर यहां के लोगों ने अपनी समस्या विभाग में दर्ज कराई है। कुछ लोग सुबह चार बजे उठकर बूस्टिंग स्टेशन पर भी पहुंचे और पानी की आपूर्ति किए जाने की मांग की।
बताया जा रहा है कि गुड़गांव वाटर कैनाल(जीडब्ल्यूसी) के माध्यम से आने वाले 100 क्यूसेक प्रति सेकेंड आने वाले पानी में से केवल 35 क्यूसेक पानी ही मिल पा रहा है। इसके अलावा 18 से 20 क्यूसेक पानी एनसीआर चैनल के माध्यम से पहुंच रहा है।
नहर में पानी कम आने की वजह से ही लोगों को पूरी मात्रा में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से पानी नहीं मिल पा रहा है। हुडा अधिकारियों की मानें तो दिन की बजाए केवल रात में ही प्लांट से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
लोगों से अपील है कि पानी की बचत करके इस्तेमाल करें, क्योंकि अभी कई दिनों तक नहर में पानी कम ही मात्रा में आने की संभावना है। नहर में पानी चोरी रोकने के लिए सिंचाई विभाग के कर्मचारी लगातार गश्त कर रहे हैं।
कई दिन बाद नहर में पानी आने पर कुछ लोगों ने पाइप डालकर पानी चोरी करना शुरू कर दिया था, जिस पर नजर रखी जा रही है ताकि नहर के माध्यम से आने वाले पानी को लोगों तक पहुंचाया जा सके।
हुडा अथॉरिटी के अनुसार, नहर में 60 फीसदी पानी की कमी नहर में आ गई है। यह स्थिति 3-4 दिन और बनी रहेगी। सिंचाई विभाग झज्जर के गांव रोहद और मातन के बीच नहर की सफाई के काम में जुटा है। जिससे यहां तक पानी कम पहुंच रहा है। इस काम को जल्द निपटाने के लिए दो मशीन लगाई गई है।
यह मशीन प्रतिदिन एक किलोमीटर एरिया की सफाई कर रही है। जिला प्रशासन ने नहर की सफाई के चलते नहर में पानी की कमी होने के कारण लोगों से अपील की है कि वह पानी को बर्बाद न करें।