दिल्ली के जौनपुर से बसपा के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को नौकरानी हत्या मामले में जमानत मिल गई है। इस मामले में धनंजय की पत्नी डॉ. जागृति सिंह भी आरोपी हैं। अदालत ने इस बात पर गौर किया कि धनंजय ने पहले मिली छूट का गलत इस्तेमाल नहीं किया और न ही किसी गवाह को प्रभावित करने की कोशिश की।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार शर्मा ने धनंजय के पिता को देखभाल के मद्देनजर उन्हें जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने इससे पहले धनंजय को अंतरिम जमानत दे रखी थी। अदालत ने जमानत प्रदान करते हुए कहा कि आरोपी के सांसद होने को गवाहों को लगातार डर व धमकी से प्रभावित होने का तर्क दिया जाता था, लेकिन अब वह सांसद नहीं है। इसलिए अब आरोपी को जमानत दी जा सकती है।
चाणक्यपुरी पुलिस ने धनंजय व उसकी पत्नी जागृति सिंह को पश्चिम बंगाल निवासी नौकरानी राखी भद्रा की हत्या के सिलसिले में 5 नवंबर 2013 को गिरफ्तार किया था। इस मामले में धनंजय अंतरिम जमानत पर था जबकि जागृति न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने जागृति सिंह का मेडिकल रिकार्ड एम्स से 5 नवंबर तक पेश करने के लिए किसी की नियुक्ति करने का निर्देश तिहाड़ जेल प्रशासन को दिया है।
कोर्ट ने यह निर्देश एम्स प्रशासन द्वारा हलफनामा पेश किए जाने के बाद दिया है। एम्स ने हलफनामे में कहा कि जागृति सिंह के इलाज से संबंधित पूरा रिकार्ड जेल प्रशासन को भेज दिया गया है। इस मामले में आरोप निर्धारण पर 22 नवंबर को सुनवाई होगी।