हिंदू संगठनों के विरोध के बावजूद सोमवार को कल्कि महाराज ने दूधेश्वरनाथ मंदिर में अपना जन्मदिन मनाया। इस दौरान क ई हिंदू संगठनों के लोग मंदिर पहुंचे, लेकिन कल्कि महाराज का कोई विरोध नहीं हुआ।
सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात रहा। साथ ही पुलिस ने गौशाला अंडर पास को भी बंद कर दिया था।
कल्कि महाराज ने कहा कि मेरा विरोध करने वाले वही लोग हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी। जन्मोत्सव में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज और कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी शिरकत की।
कल्कि महाराज आचार्य प्रमोद कृ ष्णम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अखबार के माध्यम से पता चला कि कुछ संगठन मेरे साथ कुछ मुस्लिम संगठनों के लोगों के आने का विरोध कर रहे हैं।
मेरा जन्मदिन देश में राष्ट्रीय एकता दिवस के रुप में मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महंत नारायण गिरि ने पूर्व में हुई एक मुलाकात में उन्हें 2016 में दूधेश्वरनाथ मंदिर में अपना जन्मदिन मनाने का न्यौता दिया था।
उन्होंने कहा कि मेरा विरोध करने वाले वही लोग हैं जिन्होंने महात्मा गांधी की हत्या की थी। मंदिर में जन्मदिन मनाने की अनुमति प्रशासन से मिल चुकी थी।
उन्होंने जिला प्रशासन का धन्यवाद करते हुए कहा कि कट्टरपंथी ताकतें मुझे तो मिटा सकती हैं, लेकिन मेरी विचारधारा को नहीं। इस मौके पर हरियाणा संत सभा के कल्याण देव, अभिषेकानंद, एमएलसी जितेंद्र यादव, डॉ. राजेंद्र शर्मा, विजय मित्तल, एसआर सुथार आदि मौजूद रहे।
शहीदों के सम्मान में सादगी से मनाया जन्मदिन
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पठानकोट एयरबेस पर हमले में शहीद हुए अधिकारियों और जवानों के सम्मान में अपना जन्मदिन सादगी से मनाया। उन्होंने मंत्रोच्चारण के बीच दूधेश्वनाथ महादेव का जलाभिषेक किया।
हमारा मकसद था कि मंदिर में न हो जन्मोत्सव
हिंदू वाहिनी के महानगर अध्यक्ष राकेश कोरी, बजरंग दल के जिला संयोजक सुभाष बजरंगी और अंकुर त्यागी ने कहा कि मंदिर में कोई भी दर्शन करने के लिए आएगा तो उसका स्वागत है।
मगर मंदिर जन्मदिन मनाने का स्थान नहीं है। यहां जन्मदिन मनाने का विरोध किया गया था। इस दौरान हिंदू रक्षा दल, हिंदू युवा वाहिनी, बजरंग दल, विश्व हिंदू सेवक संघ, शिवसेना के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कल्कि महाराज के अवतरण पर उठे सवाल
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृ ष्णम के अवतरण दिवस पर पूर्व राज्यमंत्री और भाजपा नेता बालेश्वर त्यागी ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस तरह के आयोजन सनातन धर्म का अपमान हैं।