सुधा भारद्वाज की बेटी मायशा
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मायशा के अनुसार, करीब 12 बजे तक सर्च अभियान के दौरान महाराष्ट्र पुलिस उनके घर से एक पैन ड्राइव, दो मोबाइल फोन, एक मॉडम, एक राउटर, लैपटॉप, बैंक अकाउंट संबंधी दस्तावेज, आईटी फार्म-16, कुछ पत्रिकाएं और डायरियों को जब्त कर अपने साथ ले गई। मायशा का कहना है कि पुलिस को पंचनामा अंग्रेजी में तैयार करना चाहिए था ताकि वह पढ़कर समझ सकतीं।
अदालत में भी पेश किए मराठी में दस्तावेज
सुधा भारद्वाज की ट्रांजिट रिमांड के लिए भी महाराष्ट्र पुलिस ने मराठी में कागज तैयार किए थे। अदालत ने उन्हें हिंदी या अंग्रेजी में कागज तैयार करके लाने को कहा। इस पर महाराष्ट्र पुलिस ने फरीदाबाद पुलिस की मदद से हिंदी में रिमांड के लिए कागज तैयार कराए।
सुधा भारद्वाज को कोर्ट ले जाती पुलिस
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दिल्ली हाईकोर्ट ने नक्सलियों से कथित संबंधों के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को बुधवार सुबह तक राजधानी से बाहर ले जाने पर रोक लगा दी है। पीठ ने कहा कि बुधवार को मामले की सुनवाई तक उन्हें उनके घर में ही रखा जाए।
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और विनोद गोयल की पीठ ने कहा कि नवलखा मामले की सुनवाई तक सिर्फ अपने वकील से मिल सकते हैं। इस बीच पीठ नवलखा की वकील वारिशा फरासत द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार दोपहर को नवलखा को उनके दिल्ली आवास से कथित माओवादी संबंधों के चलते पकड़ा था। पिछले साल 31 दिसंबर को हुई भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।