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पांच घंटे चली सुधा भारद्वाज के घर की तलाशी, कई दस्तावेज किए जब्त

Wed, 29 Aug 2018 12:34 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
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सुधा भारद्वाज को कोर्ट ले जाती पुलिस(बाएं), सुधा का फरीदाबाद स्थित घर (दाएंं) - फोटो : अमर उजाला
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महाराष्ट्र पुलिस ने ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज के फरीदाबाद में इरोज गार्डन के घर करीब पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। 
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इस दौरान दो साइबर एक्सपर्ट ने सुधा और उनके परिजनों के फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर व अन्य सोशल साइट्स के साथ ही उनके कंप्यूटर, लैपटॉप भी खंगाले। उनके घर से कई दस्तावेज, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन, पत्रिका जब्त की गईं। 

सुधा की बेटी मायशा ने बताया कि पुलिस ने उन्हें वकील से भी बात नहीं करने दी। पुलिस ने पंचनामा मराठी में बनाया, जबकि उन्हें मराठी नहीं आती है। मायशा के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 7 बजे महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने उनके घर में दबिश दी। 
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टीम में दो महिला पुलिसकर्मी भी थीं। इस दौरान उन्होंने कुछ कागज उनकी मां सुधा भारद्वाज को दिखाए, जिसके बाद उन्होंने घर में तलाशी शुरू की।  

सुधा भारद्वाज की बेटी मायशा - फोटो : अमर उजाला
मायशा के अनुसार, करीब 12 बजे तक सर्च अभियान के दौरान महाराष्ट्र पुलिस उनके घर से एक पैन ड्राइव, दो मोबाइल फोन, एक मॉडम, एक राउटर, लैपटॉप, बैंक अकाउंट संबंधी दस्तावेज, आईटी फार्म-16, कुछ पत्रिकाएं और डायरियों को जब्त कर अपने साथ ले गई। मायशा का कहना है कि पुलिस को पंचनामा अंग्रेजी में तैयार करना चाहिए था ताकि वह पढ़कर समझ सकतीं।  

अदालत में भी पेश किए मराठी में दस्तावेज
सुधा भारद्वाज की ट्रांजिट रिमांड के लिए भी महाराष्ट्र पुलिस ने मराठी में कागज तैयार किए थे। अदालत ने उन्हें हिंदी या अंग्रेजी में कागज तैयार करके लाने को कहा। इस पर महाराष्ट्र पुलिस ने फरीदाबाद पुलिस की मदद से हिंदी में रिमांड के लिए कागज तैयार कराए।
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गौतम नवलखा को दिल्ली से बाहर ले जाने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

सुधा भारद्वाज को कोर्ट ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली हाईकोर्ट ने नक्सलियों से कथित संबंधों के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार नागरिक अधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा को बुधवार सुबह तक राजधानी से बाहर ले जाने पर रोक लगा दी है। पीठ ने कहा कि बुधवार को मामले की सुनवाई तक उन्हें उनके घर में ही रखा जाए।     

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर और विनोद गोयल की पीठ ने कहा कि नवलखा मामले की सुनवाई तक सिर्फ अपने वकील से मिल सकते हैं। इस बीच पीठ नवलखा की वकील वारिशा फरासत द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार दोपहर को नवलखा को उनके दिल्ली आवास से कथित माओवादी संबंधों के चलते पकड़ा था। पिछले साल 31 दिसंबर को हुई भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।
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