पूर्वी दिल्ली। लक्ष्मी नगर में आयोजित 25वें दिल्ली का महाराजा गणेश महोत्सव का शुक्रवार को समापन हो गया। 12 दिनों तक चले इस आयोजन में गणपति प्रतिमा का विसर्जन पंडाल परिसर में बने कृत्रिम जलकुंड में किया गया।
श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच गणपति बप्पा को विदाई दी। गणेश सेवा मंडल, दिल्ली द्वारा आयोजित यह महोत्सव अपनी सिल्वर जुबली के कारण विशेष रहा। इसकी थीम विघ्नहर्ता से विकासकर्ता थी, जिसमें विकसित भारत 2047 का संकल्प दर्शाया गया। पंडाल में भारत की ज्ञान परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम, अंतरिक्ष उपलब्धियों और द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर आधारित झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। आयोजक महेंद्र लड्डा ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कृत्रिम जलकुंड में विसर्जन किया गया। संवाद