फरीदाबाद में यमुना शुद्धिकरण को लेकर होने वाली पदयात्रा की रणनीति तीन फरवरी को बरसाना में तैयार की जाएगी।
प्याला गांव में हुई पंचायत में यह निर्णय लिया गया। पंचायत में 152 गांव के सरपंचों के साथ यमुना रक्षक दल के राष्ट्रीय संत जयकिशन दास सहित कई संत शामिल हुए।
संत जयकिशन दास ने कहा कि दिल्ली व केंद्र सरकार यमुना की सफाई को लेकर बिल्कुल लापरवाह हो गई है। कई बार इस मामले पर केंद्रीय मंत्रियों से गुहार लगाई जा चुकी है। लेकिन आश्वासन के बाद भी नतीजा सिफर है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मार्च में यमुना की सफाई को लेकर मथुरा से बदरपुर तक पदयात्रा की गई थी। तब सरकार ने यमुना रक्षक दल के सदस्यों से वादा किया था कि जल्द ही यमुना की सफाई को लेकर काम शुरू किया जाएगा।
लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने अपने वादे को पूरा नहीं किया। वहीं यमुना के गंदे पानी के कारण आगरा व गुड़गांव नहर में भी गंदा पानी आता है। इससे लोगों को सिंचाई के लिए साफ पानी नहीं मिल पाता है। गंदे पानी के कारण लोगों में बीमारी भी पैदा होने लगी है। ऐसे में निर्णय लिया गया है कि दोबारा से कई जिलों के लोग हजारों की संख्या में पदयात्रा करते हुए दिल्ली पहुंचेंगे।
मान मंदिर बरसाना के अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के अनुसार यमुना एक्शन प्लान में करोड़ों रुपये खर्च किया जा चुके हैं। लेकिन सरकार ने यह धन केवल फाइलों में ही लगाया है। जमीनी स्तर पर यमुना को साफ करने के लिए गंभीर कदम नहीं उठाए गए हैं।
पंचायत में शामिल कथा वाचक रामजी लाल शास्त्री ने बताया कि बरसाना में होने वाले पंचायत में मथुरा, आगरा, पलवल, गाजियाबाद सहित कई जिलों के लोग शामिल होंगे। पंचायत के आयोजक सुरेंद्र सिंह चौहान को यमुना रक्षक दल हरियाणा प्रदेश का अध्यक्ष बनाया गया।