दादरी के नई आबादी स्थित मदरसे में बच्चों को निजी स्कूलों की तरह पढ़ाया जा रहा है। यहां मुफ्त मेें तालीम दी जाती है। पढ़ाई के साथ ही गरीब बच्चों को मदरसों में रहने और खाने पीने का भी इंतजाम किया जाता है।
यहां हिंदी, अंग्रेजी, गणित, भूगोल समेत दूसरे विषयों के साथ अरबी और उर्दू भाषा की पढ़ाई होती है। दादरी और आसपास के गांवों से करीब तीन सौ छात्र-छात्राएं यहां तालीम हासिल करते हैं।
इनमें पचास से अधिक बच्चे मदरसे में ही रहते हैं। उनके खाने, दवा, कपड़ा और पढ़ाई का खर्च चंदे से चलता है। संचालन के लिए समिति को सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकरण कराकर इसका संचालन किया जा रहा है।
मदरसे में छह अध्यापक हिंदी, अंग्रेजी, गणित समेत अन्य विषय पढ़ाते है। इसके अलावा 14 अध्यापक उर्दू और अरबी पढ़ाते हैं। सभी विषयों के लिए अलग कक्षाएं लगती हैं।