लुटियन दिल्ली स्थित रेल भवन में लंगूर से बंदर भगाने वाला मदारी भी कोरोना की चपेट में आ गया। इस वजह से रेल भवन के 15 कर्मचारियों को 18 मई तक के लिए होम क्वारंटीन के लिए भेज दिया गया है। दरअसल, नई दिल्ली इलाके में बंदरों का काफी आतंक है। इसको देखते हुए रेल भवन में अनुबंध पर एक लंगूर मदारी को रख रखा गया है, जिसका काम वहां आने वाले बंदरों को भगाना है।
लंगूर मदारी रेल भवन परिसर व इसके आसपास आने वाले बंदरों को लंगूर से भगाने का काम करता है। इस बीच मदारी की तबीयत खराब हुई तो वह गत चार मई तक ही कार्यालय पहुंच सका। इसके बाद 14 मई को उसका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। एहतियातन अधिकारियों ने मदारी के संपर्क में आए 15 कर्मचारियों का पता लगाकर उन्हें होम क्वारंटीन में भेज दिया है।
दिल्ली सरकार से एक करोड़ मुआवजे की मांग करेगा सफाई कर्मचारी आयोग
कोरोना संक्रमण से सफाईकर्मी की मौत होने पर दिल्ली सफाई कर्मचारी आयोग दिल्ली सरकार से एक करोड़ मुआवजे की मांग करेगा। जिससे पीड़ित के परिजनों को आर्थिक मदद मिल सके।
आयोग के अध्यक्ष संजय गहलोत ने कहा कि दिन पर दिन सफाई कर्मचारी कोरोना की चपेट में आ रहे हैं तो वहीं, कुछ सफाई कर्मचारी कोरोना से अपनी जान भी गंवा चुके हैं। इस वजह से उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसलिए दिल्ली सरकार से पीड़ित के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग आयोग करेगा।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण से दक्षिणी दिल्ली नगर निगम में एक सफाई कर्मचारी और पूर्वी दिल्ली में एक महिला सफाई कर्मचारी की मौत हो चुकी है। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की ओर से मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी दी गई है, लेकिन पूर्वी दिल्ली नगर निगम की ओर से मृतक महिला के परिजनों को किसी प्रकार की राशि नहीं दी गई है। वहीं, दिल्ली सरकार की ओर से भी कोरोना वॉरियर्स के तहत एक करोड़ रुपये की राशि नहीं मिली है।