अनाज मंडी इलाके की जिस चार मंजिला इमारत में फैक्टरी चल रही थी, वहां एक दो नहीं बल्कि मशीनों की 18 यूनिटें लगीं हुई थीं। हर मंजिल पर पांच कमरे थे और लगभग हर कमरे में एक-एक यूनिट थी।
क्राइम ब्रांच टीम की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ कि इमारत में सौ से ज्यादा लोग रहते थे। रविवार तड़के जब आग लगी तो दूसरी मंजिल पर सबसे पहले बिजली के मीटर में स्पार्किंग हुई और वहीं से आग ऊपरी मंजिलों की
ओर बढ़ती चली गई। टीम फैक्टरी के मालिक रेहान के मैनेजर फुरकान को मंगलवार दोपहर घटनास्थल पर लेकर पहुंची थी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद 43 मृतकों में से 40 के शव मंगलवार शाम तक परिजनों को सौंप दिए गए।
अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर आशीष दुबे की टीम मैनेजर फुरकान को दोपहर करीब 12:30 बजे घटनास्थल पर लेकर पहुंची और करीब डेढ़ घंटे तक जांच की। फुरकान ने बताया यहां करीब 18 यूनिट लगी हुई थी। पूरी बिल्डिंग में 100 से ज्यादा लोग किराए रहते थे। पुलिस फुरकान के जरिए मृतकों की जगह की पहचान कर रही है।
अपराध शाखा ने क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया और सभी फ्लोर की फोटोकॉपी कराई। इसके अलावा बिल्डिंग की पहली व दूसरी मंजिल की 3 डी स्कैनिंग कराई गई।
शुरुआती जांच में ये बात सामने आई कि सबसे पहले आग दूसरी मंजिल के बिजली मीटर में लगी थी। जांच में पुलिस को मौके से किसी भी कमरे से अंगीठी, हीटर, सिलिंडर व चूल्हा नहीं मिला है। उधर, रेहान ने बताया है कि बिल्डिंग में घटनावाली रात कोई पार्टी हुई होगी। इस कारण