अगर आपके आस पास भी कोई फसल पकने या कच्ची होने और कच्चे माल की बात कर रहा है तो थोड़ा चौकन्ने हो जाइए।
फरीदाबाद के सेक्टर-56 पुलिस की अपराध शाखा टीम ने एनसीआर के शहरों से वाहन चुरा कर दिल्ली के मायापुरी कबाड़ बाजार में बेचने वाले वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सेक्टर-7 इलाके से दो चोर व एक खरीदार को गिरफ्तार कर पांच लग्जरी कार व पांच दुपहिया वाहन बरामद की है।
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सेक्टर-56 अपराध शाखा के इंचार्ज नरेंद्र चौहान ने बताया कि एक सूचना के आधार पर 19 जनवरी को सेक्टर-7 थाना इलाके में बाईपास से इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान फरीदाबाद के गांव फतेहपुर तगा निवासी नदीम और पलवल के खजूरका निवासी राजेंद्र के रूप में हुई।
दोनों गिरफ्तारी के समय चोरी की सेंट्रो कार में सवार थे, जिसे 2 दिसंबर 2013 को दिल्ली के सरिता विहार से चुराई थी। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने धारूहेड़ा और हथीन इलाके से अलग-अलग पार्किंग स्थलों में खड़ी पांच कारें व पांच दुपहिया वाहन बरामद किए हैं।
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उन्होंने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि यह एनसीआर से चोरी किए वाहनों को मायापुरी कबाड़ी बाजार में बेचते हैं। नदीम ने पुलिस को बताया कि इनके गिरोह में उसका छोटा भाई शगूर भी शामिल था, जो फरार है।
पुलिस ने इन दोनों से चोरी की गाड़ियां खरीदने वाले दिल्ली के तिलक नगर निवासी दुकानदार दलजीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है। दलजीत ने पुलिस टीम को बताया कि उसकी बेटी की ससुराल फरीदाबाद के एनआईटी 5 में हैं, यहीं पर वह वाहन चोर गिरोह के संपर्क में आया था। अभी तक वह इस गिरोह से 22 गाड़ियां खरीद चुका है। वह एक गाड़ी करीब 14 हजार में खरीदता था।
कोड वर्ड में करते थे डील:
नदीम व राजेंद्र ने खुलासा किया कि वह वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद गाड़ियां बेचने के लिए कोड वर्ड में बात करते थे। यह कोड वर्ड दुकानदार दलजीत सिंह को भी सिखा रखा था।