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चुनाव घोषणा से ठीक पहले सीएम अखिलेश ने नोएडा को दी 4357 करोड़ की योजनाओं की सौगात

Thu, 15 Dec 2016 11:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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लखनऊ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये मुख्यमंत्री ने नोएडा के सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 तक प्रस्तावित मेट्रो का शिलान्यास किया गया। इससे करीब 10 लाख आबादी को फायदा होगा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी एनसीआर के शहरों से जुड़ जाएंगे।
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दरअसल, नोएडा के सेक्टर-62 तक मेट्रो रूट पर काम चल रहा है। 2018 में यह बनकर तैयार हो जाएगा। द्वारका या कालिंदी कुंज की तरफ से ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जाने वाले यात्री सेक्टर-71 मेट्रो स्टेशन पर उतरकर ऑटो या निजी वाहन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाना पड़ेगा।

मौजूदा समय में सिटी सेंटर ही आखिरी छोर है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के केपी-5 तक मेट्रो जाने से न सिर्फ ग्रेटर नोएडा वेस्ट, बल्कि ग्रेटर नोएडा के दूसरे छोर के निवासी भी मेट्रो से जुड़ जाएंगे। यहां रहने वालों को दिल्ली, गुड़गांव, फरीदाबाद और गाजियाबाद की तरफ जाने के लिए मेट्रो की सुविधा मिल जाएगी। सभी रूट कनेक्ट होने से इन शहरों को जाना आसान होगा।
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करीब 3900 करोड़ रुपये खर्च होंगे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब तीन लाख फ्लैट बन रहे हैं। इनमें चार सदस्य प्रति फ्लैट के औसत से करीब 12 लाख आबादी रहने लगेगी, जिसमें से करीब 50 हजार फ्लैटों में लोग रहने लगे हैं।

वर्तमान समय में यहां रहने वाले लोग खुद के वाहन पर निर्भर हैं। यह मेट्रो सेक्टर-71 से शुरू होगी। इसके बाद नोएडा में सिर्फ दो स्टेशन सेक्टर-122 और 123 होंगे। इसके बाद ग्रेटर नोएडा वेस्ट शुरू हो जाएगा। वहां का पहला स्टेशन सेक्टर चार पड़ेगा। यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पहले चौराहे के पास ही है।

इसके बाद ईकोटेक-12, सेक्टर-दो, तीन 10 और 12 के बाद नॉलेज पार्क फाइव इस रूट का आखिरी स्टेशन होगा। इस रूट की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है। इसे बनाने में करीब 3900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह एलिवेटेड रूट होगा। इसका भी निर्माण एनएमआरसी की देखरेख में होगा। हालांकि, इसकी कागजी प्रक्रिया पूरी करने में छह माह से अधिक वक्त लगेगा।  

नोएडा के सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो लाइन का बुधवार को शिलान्यास किया गया। इसके माध्यम से नोएडा एक्सटेंशन के लाखों लोगों को फायदा होगा। - संतोष यादव, एमडी, नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड
 

नए मेट्रो लाइन से नोएडा एक्सटेंशन को होगा फायदा

नोएडा के सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो लाइन का बुधवार को शिलान्यास किया गया। इसके माध्यम से नोएडा एक्सटेंशन के लाखों लोगों को फायदा होगा। यह कहना है नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी संतोष यादव का।

उन्होंने कहा कि नोएडा एक्सटेंशन में आज की तारीख में करीब 30 हजार फ्लैटों में लोग रह रहे हैं। यही नहीं दो लाख फ्लैट बन रहे हैं। वहां इंडस्ट्री भी बसाई जा रही है। एक अनुमान के अनुसार वहां 12 से 13 लाख आबादी भविष्य में रहने के लिए आएगी। 

यही नहीं इसके आसपास के क्षेत्रों विजय नगर, क्रॉसिंग रिपब्लिक सहित अन्य क्षेत्रों में दो-तीन लाख की आबादी है। लिहाजा यहां यह जरूरत समझी गई कि हमारी जो लाइन नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर-71 की ओर जा रही है। इसी लाइन को अगर हम नोएडा एक्सटेंशन लेकर जाएं तो लोगों को काफी फायदा होगा।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की प्रॉपर्टी के रेट बढ़ेंगे

अगर ध्यान से देखें तो यहां 130 मीटर चौड़ी सड़क है इसके दोनो तरफ ग्रुप हाउसिंग है। पहले से ही यहां लोग रह रहे हैं तो मेट्रो लाइन आने की वजह से लाखों लोगों को फायदा होगा। यह सभी लोग मेट्रो की वजह से सीधे दिल्ली से जुड़ जाएंगे।

नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों से जुड़ेंगे। यही नहीं एयरपोर्ट से भी जुड़ जाएंगे। बताया गया कि यह परियोजना करीब 14.958 किलोमीटर की है और 2668.16 करोड़ की अनुमानित लागत है। इस परियोजना में 9 स्टेशन होंगे और यह एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। इसका काम शुरू होने के करीब दो से ढाई साल में बनकर यह तैयार हो जाएगा।

नोएडा सेक्टर-71 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट तक के केपी-5 तक मेट्रो चलने से मेट्रो रूट के दोनों तरफ एक किलोमीटर के दायरे में संपत्तियों के महंगे होने का रास्ता भी साफ हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ दीपक अग्रवाल ने बताया कि प्रस्तावित रूट के दोनों तरफ से एक किलोमीटर के दायरे में स्थित संपत्तियों के आवंटन दरों में 10 फीसदी की वृद्धि की जाएगी।

साथ ही, ट्रांसफर होने वाली संपत्तियों पर दो फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगेगा। आगामी 19 दिसंबर को प्रस्तावित बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा। बोर्ड से मंजूरी मिलते ही इसे लागू किया जाएगा, जिससे मेट्रो रूट के आसपास प्रॉपर्ट्री खरीदने वालों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी।

छह रूटों पर पचास लो फ्लोर एसी बसों का संचालन शुरू

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नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए बुधवार को एनएमआरसी की सिटी बस सेवा शुरू की गई। इससे पहले दोपहर करीब 12:30 बजे मुख्यमंत्री के हरी झंडी दिखाते ही एनएमआरसी के एमडी संतोष यादव ने गुब्बारे उड़ाकर बसों का संचालन शुरू किया।

बुधवार से यह बसें अपने-अपने रूटों पर दौड़ने लगीं। पहले दिन जानकारी के अभाव में बसों में कम सवारी दिखी, लेकिन जो बैठे उनको फूल और मिठाई देकर स्वागत किया गया। पहले चरण में छह रूटों पर पचास लो फ्लोर एसी बसों का संचालन शुरू किया गया है।

हालांकि शहर में कुल 27 मार्गों पर 392 बसों का संचालन किया जाएगा। नोएडा क्षेत्र में सिटी बस सेवा का संचालन बॉटेनिक गार्डन से होगा है। यहां से चयनित छह रूटों में चार रूटों की बसों का संचालन होगा।  बेहतर कनेक्टिविटी के लिए मेट्रो को सिटी बसों से जोड़ा गया है।

साथ ही प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों पर सिटी बस सर्विस के लिए एक लेन बनाने का प्रस्ताव है। बस सेवा के संचालन का प्रबंधन यूपीएसआरटीसी करेगी। इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) लागू होगा। जिसके तहत यात्रियों के लिए 24 घंटे हेल्प लाइन व्यवस्था की गई है।

इससे पहले लोकार्पण के मौके पर एमडी संतोष यादव, नोएडा प्राधिकरण के सीनियर परियोजना अभियंता संदीप चंद्रा, एसपी सिटी दिनेश यादव आदि अधिकारी मौजूद रहे। यात्रियों की सुविधा के प्रत्येक बस स्टाप पर फ्लैग पोल लगाए गए हैं। भविष्य में नोएडा व ग्रेटर-नोएडा प्राधिकरण द्वारा बस शेल्टर बनाए जाएंगे।

जीपीएस और सीसीटीवी से लैस हैं बसें 

बसों में जीपीएस प्रणाली लगाई गई है। जिससे बसों पर सतत निगाह रखी जा सकेगी। बसों में दो सीसीटीवी कैमरों के अलावा एक बैक कैमरा भी लगाया गया है। इसके आपरेशन के लिए चालक सीट के सामने एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। बसों में टिकट के लिए स्वैप मशीन की व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि यदि बसों के दरवाजे खुले हैं तो बसों को आपरेट नहीं किया जा सकता। दिव्यांगों के लिए बसों में व्हील चेयर रैंप बनाया गया है।

इन रूटों पर चलेगी एनएमआरसी के यह बसें
बस नंबर    बस रूट
एम1(+)     सेक्टर-15, नोएडा प्राधिकरण, सेक्टर-54 पुलिस चौकी, स्पाइस मॉल, सेक्टर-16 (मेट्रो स्टेशन) व सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन
एम1 (-)     सेक्टर-15, सेक्टर-10, सेक्टर-54 पुलिस चौकी, स्पाईस मॉल व सेक्टर-15
301ए (+)    बोटेनिक गार्डन, सेक्टर-18, सेक्टर-15, सेक्टर-6, सेक्टर-55, खोड़ा, सेक्टर-62 व सेक्टर-63
301ए (-)    सेक्टर-63, सेक्टर-62, खोड़ा कालोनी, सेक्टर-55, सेक्टर-5, सेक्टर-16 व बोटेनिक गार्डन
303बी (+)    बोटेनिक गार्डन, निठारी विलेज, केसर अपार्टमेंट, सेक्टर-101, सेक्टर-71, मामूरा चौक, सेक्टर-62 व सेक्टर-63
303बी (-)     सेक्टर-63, सेक्टर-62, ममूरा चौक, सेक्टर-71, सेक्टर-101, केसर अर्पाटमेंट, सेक्टर-39, वेव सिटी सेंटर, निठारी विलेज व बोटेनिक गार्डन
201 (+)    शारदा यूनिवर्सिटी, गामा-सेकंड, कासना विलेज, गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी, एडब्ल्यूएचओ व शारदा यूनिवर्सिटी
201 (-)    शारदा यूनिवर्सिटी, एडब्यूएचओ, गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी, कासना विलेज, गामा- सेकंड व शारदा यूनिवर्सिटी
104बी (+)    सेक्टर-12,22 , ज़ंगेल, डीएससी रोड, एजली चौक, शारदा यूनिवर्सिटी, एडब्ल्यूएचओ व कासना विलेज
104बी (-)    कासना विलेज, एडब्ल्यूएचओ, शारदा यूनिवर्सिटी, एलजी चौक, डीएससी रोड, ज़ंगेल , सेक्टर-12,22
103बी(+)    बोटेनिक गार्डन, जीआईपी, एमिटी, जेपी , सेक्टर-135, सेक्टर-153 मेट्रो, परिचौक, ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण
103बी (-)    ग्रेटरनोएडा प्राधिकरण, परिचौक, सेक्टर-153 मेट्रो, एमिटी, सेक्टर-44, बोटेनिक गार्डन

किराया 
किलोमीटर    प्रस्तावित किराया (रुपये)
0 से 3             10
3.1 से 6          15
6.1 से 10         20
10.1 से 14       25
14.1 से 17       30
17.1 से 20       35
20.1 से 25       40
35.1 से 30       45
30 से अधिक     50

पांच सेकंड में रिकार्डिंग पहुंचेगी पुलिस कंट्रोल रूम

सिटी बसों में दो विशेष सुविधा है। इन बसों में एक पैनिक बटन दिया गया है। चालक के बटन दबाते ही बस के सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग पांच सेकेंड में पुलिस कंट्रोल रूम व एनएमआरसी के मुख्यालय में बने नियंत्रण कक्ष से जुड़ जाएगी।

यह रिकार्डिंग एचडी स्तर की होगी। जिसे जूम इन व जूम आउट कर आसानी से देखा जा सकेगा। इसके अलावा सभी सीटों के नीचे एक बटन दिया गया है। स्टाप आने पर मुसाफिरों को कंडक्टर व चालक के पास नहीं जाना पड़ेगा। बटन दबाते ही चालक को पता चल जाएगा कि मुसाफिर को यहां उतरना है। दरअसल, यह सुविधा डीटीसी व देश में संचालित होने वाली किसी लो फ्लोर बसों में नही है।

यह दावा एनएमआरसी के अधिारियों द्वारा किया जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो यदि बस को हाइजेक करने की कोशिश महिलाओं या किसी भी मुसाफिर के साथ मारपीट या लूटपाट की घटना होती है तो यह पैनिक बटन काफी अहम रोल निभाएगा।

बटन का पूरा कंट्रोल चालक के हाथों में होगा। इसे बस में ऐसी जगह लगाया गया है जिसे बस चालक या फिर परिचालक ही जानते हैं। जिसे दबाते ही बस में लगे दो सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ जाएगी। तकनीक यह है कि कंट्रोल रूम में इस रिकार्डिंग की फुटेज भी निकाली जा सकती है। वहीं बस में लगे जीपीएस सिस्टम से बस की सही लोकेशन पता की जा सकती है। 

सभी 392 एसी सिटी बसों को चलने में लगेंगे दो साल

पहले चरण में 50 एसी सिटी बसों का संचालन शुरू किया जाना था। जिसमें बुधवार को 20 बसों के साथ बस सेवा की शुरुआत की गई। दो साल के अंदर कुल 392 बसों का संचालन किया जाएगा। यह कहना है नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के एमडी संतोष यादव का। बुधवार को वह बॉटेनिक गार्डन बस स्टेशन पर बस सेवा के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि अर्बन इंस्टीट्यूट ऑफ मास ट्रांसपोर्ट (यूआईएमटी) ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा का सर्वे कर 27 रूट बनाए। नोएडा और ग्रेटर नोएडा शहर के अंदर, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच में और प्रत्येक मेट्रो स्टेशन के आसपास सहित कुल चार फीडर रूट बनाए गए।

सर्वे के बाद बताया कि नोएडा की जितनी आबादी है और जितने अनुपात में बढ़ रही है उस लिहाज से यहां कम से कम 392 बसों का संचालन किया जाना चाहिए। एमडी का कहना है कि यहां देश की सबसे अच्छी बस का संचालन होगा।

इसके लिए हेल्पलाइन और व्हाट्स ऐप ग्रुप भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि यह बसें नोएडा प्राधिकरण ने नहीं खरीदी हैं। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने दो साल पहले टेंडर जारी किया था। 

नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे पर बनेगी एलिवेटेड रोटरी इंटरचेंज

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नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-148-150 में एलिवेटेड रोटरी इंटरचेंज का निर्माण किया जाएगा। इसका शिलान्यास बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया। इसके बनने से दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा को फरीदाबाद से जोड़ने में मदद मिलेगी।

दरअसल, नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के ऊपर एक एलिवेटेड इंटरचेंज बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके माध्यम से सेक्टर-150 व 152 स्पोर्ट्स सिटी के मध्य 75 मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी। इस सड़क से दिल्ली, नोएडा, ग्रेेनो से आने वाले वाहनों को फरीदाबाद से जुड़ने में मदद मिलेगी। रोटरी इंटरचेंज की लंबाई 840 मीटर होगी और इसके निर्माण पर करीब 140 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

इसके बनने के बाद दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के अलावा इसके आसपास के क्षेत्र भी जुड़ेंगे। यही नहीं अगर योजना को ध्यान से देखें तो इसके बनने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सारे शहर आपस में जुड़ जाएंगे, जो एक अहम कदम होगा। समय और ईंधन की भी बचत होगी।
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2500 एकड़ में बनेगा समाजवादी पार्क 

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करीब 2500 एकड़ में प्रस्तावित समाजवादी पार्क आने वाले दिनों में ग्रेटर नोएडा की पहचान बनेगा। मुख्यमंत्री ने लखनऊ में बुधवार को यह एलान किया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक समाजवादी पार्क तीन हिस्सों में बंटा है।

पहला सूरजपुर ईको पार्क, दूसरा एलजी कंपनी के पास स्थित ग्रीन बेल्ट और तीसरा गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के पास। इन तीनों को मिलाकर करीब 2500 एकड़ एरिया है। इसे विकसित करने का काम पहले से चल रहा है।

इन तीनों को सिर्फ हरियाली तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि लोगों के उपयोग को ध्यान में रखते हुए जॉगिंग ट्रैक, योगा सेंटर व फिटनेस के तमाम संसाधन होंगे, जिससे लोग सुबह इन पार्कों में सैर कर सकें।

नए साल में नई जगह होगा प्राधिकरण का दफ्तर
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का दफ्तर नए साल में नई जगह शिफ्ट हो जाएगा। नॉलेज पार्क स्थित प्राधिकरण के दफ्तर के प्रशासनिक भवन का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ से किया। अब नए साल में यह शिफ्ट हो जाएगा। नए भवन में वाहनों के पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था है। पांच मंजिला इस इमारत में सिर्फ प्राधिकरण का दफ्तर होगा जबकि दो और टावर इसी के साथ बन रहे हैं। इनके बनने में छह माह से अधिक वक्त लगेगा। इन दो टावरों में कामर्शियल उपयोग होगा। बैंक शाखाएं, एटीएम समेत कई और सरकारी दफ्तर भी शिफ्ट होंगे।
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